मां की मौत, पिता ने कर ली दूसरी शादी, फिर चाचा ने उठाई जिम्मेदारी, आरसीबी के खिलाफ धमाका करने वाले अनिकेत वर्मा की कहानी रुला देगी

Who Is Aniket Verma: इंडिया प्रीमियर लीग 2026 का ओपनिंग मैच रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में पहला मैच खेला गया. मैच में चेस मास्टर विराट कोहली ने आरसीबी को रिकॉर्ड जीत दिलाई. इस मुकाबले में हैदराबाद को मिली हार के बावजूद हर तरफ अनिकेत वर्मा की चर्चा हो रही है. झांसी के रहने वाले 24 साल के इस युवा खिलाड़ी ने सनराइजर्स के लिए आरसीबी के खिलाफ सिर्फ 18 गेंदों पर 43 रन बनाकर मैच का रुख ही बदल दिया था. बता दें कि अनिकेत की सफलता में उनके चाचा का बहुत बड़ा योगदान है, क्योंकि उन्होंने छोटी उम्र में ही अपने मां को खो दिया था और फिर उनके पिता ने दूसरी शादी कर ली. अनिकेत को क्रिकेटर बनाने का सपना उनके चाचा ने देखा और पूरा करके भी दिखाया है.
अनिकेत वर्मा रातों-रात बनें स्टार
आरसीबी के खिलाफ अनिकेत वर्मा के चार गगनचुंबी छक्कों ने उन्हें इंटरनेट पर रातों-रात स्टार बना दिया है. आईपीएल की चमक-दमक तक पहुंचने का अनिकेत का सफर हिम्मत और जज्बे की कहानी है. महज तीन साल की उम्र में मां को खोने के बाद अनिकेत का पालन-पोषण उनके चाचा ने किया. आर्थिक तंगी और खेल सुविधाओं की कमी के बावजूद, अनिकेत भारतीय क्रिकेट के नए ‘फिनिशर’ के रूप में बनकर उभरे हैं.
Making us dance to his t̶u̶n̶e̶s̶ bat flows 🧡👌
Aniket Verma | #PlayWithFire | #RCBvSRH | #TATAIPL2025 pic.twitter.com/F1GqYAcT5H
— SunRisers Hyderabad (@SunRisers) May 22, 2025
Another fabulous knock from Aniket Verma batting at 7 🔥
34 (13), 4s×1, 6s×4, SR 261 💥pic.twitter.com/wnQbdl8v9l
— Sunrisers Army (@srhorangearmy) December 2, 2025
कौन हैं आरसीबी के खिलाफ धमाका करने वाले अनिकेत वर्मा?
अनिकेत वर्मा की जिंदगी बचपन से ही उतार-चढ़ाव भरी रही है. जब उनकी मां की मौत हुई थी तो वो सिर्फ तीन साल के थे, तब उनके चाचा अमित वर्मा ने उनकी जिम्मेदारी उठाई थी. झांसी जैसे छोटे शहर से निकलकर आईपीएल के स्टार खिलाड़ी बनने का अनिकेत का सफर मुश्किलों भरा रहा है. 18 साल की उम्र में चाचा ने बड़े भाई की दूसरी शादी करने के बाद अनिकेत को अपने साथ रखने का फैसला किया था. अनिकेत के चाचा ने छोटी उम्र में काम पकड़ा और उनको क्रिकेटर बनाने का सपना देखा. भोपाल में एक कोच नंदजीत ने उनके चाचा के सपने को सहारा दिया. अनिकेत जब छोटे थे तो रोज दस घंटे तक मैदान में क्रिकेट खेलते रहते थे, जिससे वो घर का खालीपन को भूल सके. शुरुआती मुश्किलों ने ही अनिकेत को एक निडर खिलाड़ी बनाया है.



