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अरुणाचल प्रदेश में हाईवे मुआवजा घोटाला, सरकारी रकम में बड़ी हेराफेरी; कई अफसर इस घालमेल में शामिल

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ईटानगर यूनिट ने ट्रांस-अरुणाचल हाईवे (TAH) जमीन मुआवजा घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 2.37 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच (जब्त) कर ली हैं. यह कार्रवाई 23 मार्च 2026 को PMLA कानून के तहत की गई. ED के मुताबिक, अटैच की गई संपत्तियों में कुरुंग कुमेय जिले के डोलो गांव में करीब 47,350 वर्ग मीटर जमीन (तादर बाबिन के नाम) और कीई पन्योर जिले के याचुली इलाके में स्थित एक पारंपरिक मकान (लिखा माज के नाम) शामिल है. जांच एजेंसी का कहना है कि ये संपत्तियां सरकारी मुआवजे के पैसों की हेराफेरी से बनाई गई हैं.

असली मुआवजे से कहीं ज्यादा रकम बांट दी गई

यह घोटाला ट्रांस-अरुणाचल हाईवे के पोटिन-बोपी स्ट्रेच के लिए जमीन अधिग्रहण के दौरान हुआ. जांच में सामने आया कि असली मुआवजे से कहीं ज्यादा रकम बांट दी गई. फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार, करीब 44.98 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया गया, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ.

जांच में कई बड़े अधिकारियों की भूमिका

जांच में कई बड़े अधिकारियों और निजी लोगों की भूमिका सामने आई है. इसमें उस समय के डिप्टी कमिश्नर केमो लोल्लेन, जिला भूमि राजस्व अधिकारी भारत लिंगु, जूनियर इंजीनियर टोको ताजे और कबाक भट्ट जैसे नाम शामिल हैं. आरोप है कि इन्होंने मिलकर फर्जी कागजात बनाए, मुआवजे की रकम बढ़ाकर दिखाई और गलत लोगों के नाम पर पैसे जारी किए. वहीं, लिखा माज और तादर बाबिन को भी फर्जी तरीके से मुआवजा पाने वाला बताया गया है. ED का कहना है कि इन लोगों ने पैसे निकालकर उसे अलग-अलग जगहों पर घुमाया, ताकि काले धन को साफ दिखाया जा सके.

फरवरी में कई जगह छापेमारी कर चुकी ईडी

ED इससे पहले 6 फरवरी 2026 को कई जगहों पर छापेमारी कर चुकी है. इस दौरान लिखा माज के पास से 2.40 करोड़ रुपये नकद और तादर बाबिन के पास से 22 लाख रुपये बरामद हुए थे. इसके अलावा करीब 1.19 करोड़ रुपये बैंक खातों में फ्रीज किए गए थे. अब तक इस मामले में ED कुल मिलाकर करीब 10.13 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति को अटैच, जब्त या फ्रीज कर चुकी है. ED ने पहले 2024 में इस मामले में एक आरोपपत्र भी दाखिल किया था, जिस पर कोर्ट संज्ञान ले चुका है. अब नई जांच में और लोगों की भूमिका सामने आ रही है. एजेंसी का कहना है कि आगे भी इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं.

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AZMI DESK

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