आजमगढ़ में तीसरा एनकाउंटर:पुलिस पर फायरिंग,बदमाश पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार


*प्रेस-विज्ञप्ति, दिनांक- 29.03.2026*
*थाना- कोतवाली, जनपद आजमगढ़*
*शिवाजीनगर हीरापट्टी घटना का खुलासा – शातिर अभियुक्त पुलिस मुठभेड़ में घायल/गिरफ्तार, चोरी का सामान व अवैध असलहा बरामद*
आजमगढ़:पुलिस टीम पर फायरिंग के बीच पुलिस की साहसिक कार्रवाई – घेराबंदी, जवाबी फायरिंग व प्रभावी ऑपरेशन में अभियुक्त गिरफ्तार,डॉ0 अनिल कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़* के निर्देशन में तथा अपर पुलिस अधीक्षक नगर व क्षेत्राधिकारी नगर के पर्यवेक्षण में अपराध नियंत्रण हेतु चलाए जा रहे अभियान के क्रम में थाना कोतवाली पुलिस द्वारा प्रभावी कार्यवाही करते हुए एक शातिर अभियुक्त को पुलिस मुठभेड़ में घायल अवस्था में गिरफ्तार कर महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की गई।शिवाजीनगर हीरापट्टी क्षेत्र में जियो कंपनी के एरिया मैनेजर के साथ मारपीट, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी देते हुए लैपटॉप व मोबाइल चोरी/छीनने की घटना कारित की गई थी। इस संबंध में थाना कोतवाली पर मु0अ0सं0 132/2026 धारा 115(2)/352/351(3)/303(2) बीएनएस पंजीकृत किया गया। विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलन एवं सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अभियुक्तों धर्मेन्द्र सिंह उर्फ अभिषेक सिंह, अंशुमान सिंह व राहुल राय का नाम प्रकाश में आया, जिनकी गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम द्वारा लगातार दबिश दी जा रही थी। प्रभारी निरीक्षक यादवेन्द्र पाण्डेय मय पुलिस टीम संदिग्ध व्यक्ति/वाहन चेकिंग कर रहे थे, तभी मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि उक्त घटना में शामिल अभियुक्त अवैध असलहे व चोरी का सामान लेकर मोहती घाट क्षेत्र में एकत्रित हैं। सूचना पर पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी की गई। कुछ ही देर में एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन संदिग्ध व्यक्ति आते दिखाई दिए, जिन्हें रोकने का प्रयास किया गया तो वे भागने लगे और मोटरसाइकिल फिसलकर गिर गई। स्वयं को घिरा देख अभियुक्तों द्वारा पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की गई। पुलिस द्वारा आत्मसमर्पण हेतु चेतावनी दिए जाने के बावजूद फायरिंग जारी रखने पर आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई, जिसमें एक अभियुक्त *धर्मेन्द्र सिंह उर्फ अभिषेक सिंह* के *बाएं पैर* में गोली लगी। घायल अभियुक्त को समय करीब 23:52 बजे मौके पर गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसके दो साथी अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गए। घायल अभियुक्त को तत्काल उपचार हेतु जिला अस्पताल भेजा गया,अभियुक्त ने पूछताछ में बताया कि उसने अपने साथियों अंशुमान सिंह व राहुल राय के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया था।जियो कंपनी के एरिया मैनेजर से विवाद के चलते योजनाबद्ध तरीके से मारपीट कर उसका लैपटॉप व मोबाइल छीन लिया गया। घटना के बाद अभियुक्तगण लगातार ठिकाना बदलते रहे तथा चोरी किए गए सामान को बेचने की फिराक में थे।पुलिस से बचने एवं लोगों को डराने हेतु अवैध असलहे रखते हैं तथा पकड़े जाने की स्थिति में फायरिंग कर भागने का प्रयास करते हैं।



