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⚡ औद्योगिक बिजली चोरी का भंडाफोड़…

👉🏽 CT बायपास और मीटर टेम्परिंग का बड़ा खुलासा!

लखनऊ | यूपीपीसीएल मीडिया विशेष रिपोर्ट

राजधानी लखनऊ के गोमती नगर/चिनहट क्षेत्र से बिजली चोरी का एक बड़ा और संगठित मामला सामने आया है, जहां 49 KVA इंडस्ट्रियल कनेक्शन पर सुनियोजित तरीके से मीटर CT बायपास और टेम्परिंग कर विद्युत राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा था।

विभागीय जांच में सामने आया कि उपभोक्ता M/s Ajay Beverage Pvt. Ltd. (गांव घुरु का पुरवा, चिनहट) के परिसर में लगे मीटर में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि……

👉 मीटर बॉक्स सील डैमेज और छेड़छाड़ की गई

👉 CT (Current Transformer) को बायपास कर सीधे सप्लाई ली जा रही थी

👉 B-Phase गायब पाया गया, जिससे मीटर रीडिंग कम दर्ज हो रही थी

👉 डिस्प्ले भी डैमेज, जिससे वास्तविक खपत छुपाई जा सके

👉 टर्मिनल कवर और बॉडी सील भी टूटी हुई मिली

रिपोर्ट में साफ उल्लेख है कि “All CTs are bypassed”, यानी पूरी व्यवस्था को योजनाबद्ध तरीके से निष्क्रिय कर दिया गया था ताकि खपत का बड़ा हिस्सा मीटर में दर्ज ही न हो।

⚠️ तकनीकी जांच में बड़ा खुलासा…

परीक्षण के दौरान लोड और करंट रीडिंग में भारी अंतर पाया गया—

➡️ R-Phase: ~8.6 A

➡️ Y-Phase: ~8.6 A

➡️ B-Phase: ~18.2 A (असामान्य असंतुलन)

यह असंतुलन साफ संकेत देता है कि मीटरिंग सिस्टम के साथ छेड़छाड़ कर वास्तविक लोड को छुपाया गया।

📉 करोड़ों के राजस्व पर डाका!

इस प्रकार की इंडस्ट्रियल स्तर की बिजली चोरी से यूपीपीसीएल को भारी आर्थिक नुकसान होता है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, यह चोरी लंबे समय से जारी थी, जिससे लाखों से लेकर संभावित रूप से करोड़ों रुपये तक का राजस्व प्रभावित हुआ।

🚨 विभागीय कार्रवाई तय…

मामले को गंभीर मानते हुए रिपोर्ट को उच्चाधिकारियों एवं विजिलेंस को प्रेषित कर दिया गया है। संबंधित उपभोक्ता के खिलाफ विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 (बिजली चोरी) के तहत कठोर कार्रवाई की तैयारी है।

🔥 यूपीपीसीएल मीडिया का अहम सवाल…

❓ इतने बड़े स्तर पर चोरी कब से चल रही थी?

❓ क्या स्थानीय स्तर पर मिलीभगत के बिना यह संभव था?

❓ जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कब होगी?

📢 लखनऊ में यह मामला सिर्फ एक चोरी नहीं, बल्कि सिस्टम को चुनौती देने वाला संगठित खेल है। अगर ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो ईमानदार उपभोक्ताओं पर ही बोझ बढ़ता रहेगा।

AZMI DESK

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