देश

असम विधानसभा चुनाव: बीजेपी के वरिष्ठ नेता प्रशांत फुकन ने किया नामांकन, लुरिंज्योति गोगोई के नामांकन में शामिल हुए गौरव गोगोई

असम विधानसभा चुनाव के मद्देनजर शुक्रवार (20 मार्च) को कई नेताओं ने नामांकन पत्र दाखिल किए. नामांकन दाखिल करने वालों में सबसे आगे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और राज्य के ऊर्जा मंत्री प्रशांत फुकन थे, जिन्होंने डिब्रूगढ़ जिला आयुक्त कार्यालय में औपचारिक रूप से अपना नामांकन जमा किया.

प्रशांत फुकन के नामांकन दाखिल करने से पहले उनके समर्थकों ने ऐतिहासिक ओल्ड हाई स्कूल मैदान से एक भव्य जुलूस निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया. 4 बार विधायक रह चुके 71 वर्षीय नेता डिब्रूगढ़ विधानसभा क्षेत्र से लगातार पांचवीं बार जीत हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं. 2006 में अपनी पहली जीत के बाद से जब उन्होंने मात्र 175 वोटों के मामूली अंतर से जीत दर्ज की थी, फुकन ने लगातार अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की है. 2021 के विधानसभा चुनावों में उन्होंने 38,005 वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की, जो इस क्षेत्र में उनके दबदबे को दर्शाता है. 

फुकन ने कहा कि बीजेपी के विकास कार्यों और शासन के शानदार रिकॉर्ड से उन्हें एक बार फिर निर्णायक जनादेश मिलेगा. उन्होंने कहा, “जमीनी हकीकत और हमारी सरकार द्वारा किए गए कार्यों को देखते हुए मुझे पूरा भरोसा है कि इस बार मेरी जीत भारी बहुमत से होगी.”

लुरिंज्योति गोगोई ने भी किया नामांकन
असम जातीय परिषद (एजेपी) के अध्यक्ष लुरिंज्योति गोगोई ने नवगठित खोवांग निर्वाचन क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया. सीएए विरोधी आंदोलन के प्रमुख चेहरे गोगोई 2021 के चुनावों में दो निर्वाचन क्षेत्रों से असफल प्रयासों के बाद इस बार चुनावी सफलता हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं. लुरिंज्योति गोगोई के नामांकन दाखिल करने के समारोह में असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के अध्यक्ष गौरव गोगोई भी मौजूद रहे. 

क्या बोले गौरव गोगोई
मीडिया से बात करते हुए गौरव गोगोई ने गठबंधन और विपक्षी दलों के बीच एकता को लेकर आशा व्यक्त की. उन्होंने कहा कि लुरिंज्योति गोगोई के नामांकन समारोह में उपस्थित होकर उन्हें खुशी हुई और उन्होंने अपनी शुभकामनाएं दीं. पार्टियों के बीच सहयोगात्मक प्रयासों पर चर्चा के लिए एजेपी नेताओं को धन्यवाद दिया और साझेदारी मजबूत करने के लिए सीटें कुर्बान करने वाले कांग्रेस नेताओं की सराहना की.

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर कटाक्ष करते हुए गोगोई ने कहा कि जहां उनका गठबंधन असम की जनता को प्राथमिकता देता है, वहीं मुख्यमंत्री व्यक्तिगत और पारिवारिक हितों पर ध्यान केंद्रित करते हैं. उन्होंने आगे कहा, “असम की जनता हमें एकजुट देखना चाहती थी और हमें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में हमें उनका आशीर्वाद मिलेगा.”

ये भी पढ़ें

असम में ममता बनर्जी ने जारी की 17 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट, जानें TMC ने किसे दिया मौका?

AZMI DESK

Related Articles

Back to top button
WhatsApp Join Group!