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अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर कब होंगे साइन? मिडिल ईस्ट में जंग के बीच भारत सरकार ने दिया ये जवाब

अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर पर केंद्र सरकार ने सोमवार (16 मार्च 2026) को कहा कि औपचारिक रूस से हस्ताक्षर तभी किए जाएंगे जब दोनों देशों के बीच नए टैरिफ को अंतिम रूप दिया जाएगा. वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि हम इस समय अमेरिका के साथ इसके विवरण पर बातचीत कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘टैरिफ का नया स्ट्रक्चर तय होने के बाद ही भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर हस्ताक्षर किए जाएंगे. इसमें कोई गतिरोध नहीं है और न ही ऐसा है कि समझौता नहीं है.’

भारत के गुड्स एक्सपोर्ट में गिरावट

केंद्र की ओर से ये बयान ऐसे समय में आया है जब सरकार ने बताया गया कि फरवरी में भारत का गुड्स एक्सपोर्ट मामूली रूप से 0.81 फीसदी गिरकर 36.61 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया. हालांकि आयात में इस महीने (मार्च) 24.11 फीसदी तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है जो अब 63.71 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया. यह एक साल पहले के 51.33 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है. राजेश अग्रवाल ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत का निर्यात मजबूत बना हुआ है.

मिडिल ईस्ट जंग के कारण बढ़ी चुनौतियां

उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के पहले 11 माह (अप्रैल-फरवरी) में देश का निर्यात 1.84 फीसदी बढ़कर 402.93 अरब अमेरिकी डॉलर रहा है. इसी अवधि में आयात भी 8.53 फीसदी बढ़कर 713.53 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया. वाणिज्य सचिव ने आने वाले हफ्तों में निर्यात के लिए संभावित चुनौतियों का भी संकेत दिया. उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहे संकट के कारण उत्पन्न लॉजिस्टिक चुनौतियों की वजह से मार्च में शिपमेंट में गिरावट देखी जा सकती है. 

टैरिफ को लेकर ट्रंप का नया दांव

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से टैरिफ नीति को लेकर झटका मिलने के बाद ट्रंप प्रशासन ने एक नया दांव खेला है. अमेरिका ने 16 देशों के खिलाफ बड़ी व्यापार जांच की शुरुआत की है. इन देशों में भारत का नाम भी शामिल है. अमेरिका ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ज्यादा इंडस्ट्रियल कैपेसिटी को लेकर भारत और 15 दूसरे देशों को निशाने पर लिया है. जांच पड़ताल पूरी हो जाने के बाद इन देशों के खिलाफ टैरिफ या दूसरे ट्रेड कदम उठाए जा सकते हैं.

टैरिफ को लेकर US कोर्ट ने ट्रंप को दिया झटका

भारत और अमेरिका ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के लिए एक ढांचे को अंतिम रूप देने की घोषणा पिछले महीने की थी. इस ढांचे के तहत अमेरिका ने भारत पर टैरिफ 18 फीसदी तक कम करने पर सहमति जताई थी. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की ओर से राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक शुल्क को निरस्त करने के बाद हालांकि अमेरिका में शुल्क ढांचे में बदलाव किया गया है. फैसले के बाद ट्रंप ने 24 फरवरी से 150 दिन के लिए सभी देशों पर 10 फीसदी टैरिफ लागू कर दिया है. इन बदलावों के मद्देनजर भारत और अमेरिका के मुख्य वार्ताकारों की बैठक को स्थगित कर दिया गया है.

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AZMI DESK

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