देश

‘ऑनलाइन डिस्काउंट’ के जाल से छोटे दुकानदारों को बचाए सरकार, सांसद रवि किशन ने लोकसभा में पेश की तीन बड़ी मांगें

Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

गोरखपुर सांसद और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता रवि किशन ने शुक्रवार (13 मार्च, 2026) को लोकसभा में छोटे और पारंपरिक व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से उठाया. उन्होंने धारा 370 के तहत विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि तेजी से बढ़ते ऑनलाइन व्यापार के कारण छोटे दुकानदारों और पारंपरिक व्यापारियों को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है.

सांसद ने कहा कि बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भारी छूट और आक्रामक मार्केटिंग के जरिए बाजार पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे छोटे व्यापारियों की आय प्रभावित हो रही है. कई दुकानदारों को अपने कारोबार बंद करने की नौबत आ रही है. उन्होंने यह भी कहा कि छोटे व्यापारियों और उनके परिवारों के लिए पर्याप्त सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था का अभाव है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है.

रवि किशन ने सदन में सरकार के समक्ष रखीं तीन प्रमुख मांगें

  • ऑनलाइन व्यापार के लिए स्पष्ट और सख्त नियम, जिससे बड़े प्लेटफॉर्म्स की ओर से अत्यधिक छूट और बाजार पर एकाधिकार की प्रवृत्ति को रोका जा सके.
  • छोटे और पारंपरिक व्यापारियों के हितों की सुरक्षा. सरकार की ओर से ऐसी नीतियां बनाई जाएं, जिससे स्थानीय दुकानदारों और छोटे व्यापारियों को संरक्षण और समान अवसर मिल सके.
  • व्यापारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था. जिससे छोटे व्यापारियों और उनके परिवारों के लिए चिकित्सा बीमा और दुर्घटना बीमा जैसी योजनाएं सुनिश्चित की जाएं.

व्यापारियों की स्थिति पर जताई चिंता

सांसद ने कहा कि देश के लाखों छोटे व्यापारी आज आर्थिक दबाव झेल रहे हैं. कई परिवार बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में कर्ज के बोझ तले दब जाते हैं, क्योंकि उनके पास किसी प्रकार का स्वास्थ्य या दुर्घटना बीमा उपलब्ध नहीं होता. उन्होंने कहा कि छोटे व्यापारी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी अनदेखी करना उचित नहीं होगा. सरकार को इस दिशा में शीघ्र ठोस कदम उठाने चाहिए.

सरकार से त्वरित कार्रवाई की अपील

सांसद रवि किशन ने केंद्र सरकार से अपील की कि इस विषय पर शीघ्र विचार कर स्पष्ट नीति और नियम बनाए जाएं, जिससे बाजार में संतुलित और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनी रहे और छोटे व्यापारियों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिल सके. उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल व्यापारियों का नहीं, बल्कि देश की आर्थिक संरचना और सामाजिक न्याय से भी जुड़ा हुआ है.

यह भी पढ़ेंः CBI ने अनिल अंबानी के बेटे जय अनमोल को किया तलब, RHFL के खिलाफ 228 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में बड़ा एक्शन

AZMI DESK

Related Articles

Back to top button
WhatsApp Join Group!