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घबराने का नहीं: सरकार का दावा, एलपीजी बुकिंग में 40 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी

देशभर में एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती मांग और अफवाहों के बीच केंद्र सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल किसी भी गैस एजेंसी या डीलर पर गैस खत्म होने जैसी स्थिति नहीं है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने लोगों से पैनिक बुकिंग से बचने की अपील करते हुए कहा कि देश में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य है और सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

कितना है भंडारण

दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुजाता शर्मा ने बताया कि कच्चे तेल के मामले में भारत के पास 258 मिलियन मीट्रिक टन की रिफाइनिंग क्षमता है और पेट्रोल-डीजल के उत्पादन में देश आत्मनिर्भर है. उन्होंने कहा, ‘हमारी सभी रिफाइनरियां 100 प्रतिशत या उससे अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं. कच्चे तेल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सप्लाई में किसी तरह की रुकावट नहीं है.’

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि देशभर के करीब एक लाख पेट्रोल पंपों पर किसी प्रकार की ‘ड्राई आउट’ स्थिति की सूचना नहीं मिली है और सभी जगह पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है. घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और वाहनों के लिए सीएनजी की आपूर्ति भी बिना किसी कटौती के जारी है.

एलपीजी पर चिंता

हालांकि, एलपीजी के मामले में चिंता का एक कारण यह है कि भारत के करीब 90 प्रतिशत आयात स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते होते हैं. मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए इस मार्ग के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन सुजाता शर्मा ने कहा कि इसके बावजूद देश में गैस आपूर्ति पर कोई तात्कालिक संकट नहीं है.

उन्होंने कहा, ‘देश के 25 हजार एलपीजी वितरकों में से किसी ने भी गैस खत्म होने की रिपोर्ट नहीं दी है. इसलिए लोगों को अफवाहों पर भरोसा नहीं करना चाहिए और अनावश्यक बुकिंग से बचना चाहिए.’

अफवाहों के बीच बुकिंग में आई है उछाल

तेल मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, हाल के दिनों में एलपीजी बुकिंग में अचानक उछाल देखने को मिला है. जहां सामान्य परिस्थितियों में औसतन 55.7 लाख बुकिंग होती थीं, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 75.7 लाख तक पहुंच गई है. अधिकारियों का मानना है कि यह बढ़ोतरी पैनिक बुकिंग का संकेत है, जो आपूर्ति प्रणाली पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है.

वैकल्पिक इंधन की तैयारी

सरकार ने वैकल्पिक ईंधन विकल्पों को भी सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं. राज्यों को अतिरिक्त 48 हजार किलोलीटर केरोसिन आवंटित किया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर इसका वितरण सुनिश्चित किया जा सके. साथ ही, कोल इंडिया को छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं के लिए कोयले की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.

पीएनजी को लेकर सरकार ने दिया जोर

व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए सरकार ने विशेष अपील जारी की है. सुजाता शर्मा ने कहा कि बड़े शहरों में होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान, जो एलपीजी पर निर्भर हैं, उन्हें स्थानीय सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क से संपर्क कर पीएनजी कनेक्शन लेने पर विचार करना चाहिए. इससे घरेलू एलपीजी पर पड़ने वाला दबाव कम किया जा सकेगा. वर्तमान में देश में करीब 1.5 करोड़ घरेलू उपभोक्ता पीएनजी से जुड़े हैं, जबकि लगभग 60 लाख घरों के पास पीएनजी नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध है. सरकार का मानना है कि इन घरों के पीएनजी से जुड़ने पर एलपीजी की मांग संतुलित हो सकती है.

जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त निर्देश, लोगों से अपील

इस बीच, पेट्रोलियम मंत्रालय और उपभोक्ता मामलों के विभाग ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के अधिकारियों के साथ बैठक कर ईंधन आपूर्ति की समीक्षा की है. राज्यों को जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि कई राज्य जनता को सही जानकारी देने के लिए रोजाना प्रेस ब्रीफिंग भी कर रहे हैं.

सरकार ने एक बार फिर नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के मुताबिक ही गैस बुक करें. मंत्रालय का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और देश में ईंधन की आपूर्ति को लेकर किसी तरह की घबराहट की जरूरत नहीं है.

AZMI DESK

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