तेलंगाना में रसोई गैस महंगी, बुकिंग नियम भी सख्त; कमर्शियल गैस की कीमतों से रेस्टोरेंट को झटका

तेलंगाना में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर फैल रही कई खबरों के बीच वास्तविक स्थिति अलग है. फिलहाल राज्य में पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई नई बढ़ोतरी नहीं हुई है और ईंधन की कीमतें पहले की तरह सामान्य स्तर पर बनी हुई हैं, लेकिन आम लोगों पर असर डालने वाली बड़ी खबर घरेलू रसोई गैस के दाम बढ़ने और बुकिंग नियम सख्त होने की है.
ताजा संशोधन के बाद हैदराबाद और तेलंगाना के कई जिलों में 14.2 किलोग्राम का घरेलू गैस सिलेंडर 905 रुपये से बढ़कर 965 रुपये हो गया है यानी एक ही झटके में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. ऊर्जा कंपनियों के मुताबिक, यह बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों के दबाव और पश्चिम एशिया की अस्थिर स्थिति के कारण की गई है.
सिलेंडर बुकिंग के लिए क्या हैं नए नियम?
केवल कीमत ही नहीं बढ़ी, बल्कि गैस बुकिंग के नियम भी बदल दिए गए हैं. अब उपभोक्ता को पहला सिलेंडर मिलने के बाद कम से कम 25 दिन का इंतजार करना होगा, तभी दूसरा सिलेंडर बुक किया जा सकेगा. इस नए नियम को तेल विपणन कंपनियों ने लागू कर दिया है ताकि घबराहट में अधिक बुकिंग और जमाखोरी को रोका जा सके.
इस बदलाव के कारण कई इलाकों में गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में ज्यादा इंतजार करना पड़ सकता है. जबकि, होटलों, रेस्तरां और ढाबों में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम के व्यवसायिक गैस सिलेंडर की कीमत भी बढ़ी है. वर्तमान में हैदराबाद में इसका भाव लगभग 2,105.50 रुपये प्रति सिलेंडर चल रहा है.
इसके अलावा, 47.5 किलोग्राम का व्यवसायिक सिलेंडर लगभग 4,900.50 रुपये तक पहुंच गया है. व्यवसायिक गैस की कीमत बढ़ने से सबसे ज्यादा असर होटल, मिठाई दुकानों और छोटे भोजनालयों पर पड़ने की संभावना है, क्योंकि उनके खर्च में सीधा इजाफा हो जाता है.
सिलेंडर की कीमत बढ़ने से बिगड़ेगा रसोई का बजट
रमजान में हरीस का कारोबार बहुत बड़े पेमेंट पर होता है, अभी रमजान खत्म होने में 11 दिन बचे हैं, हरीस की कीमत लगभग 300 से 400 रुपये के बीच है. कमर्शियल गैस की कीमत बढ़ने से हरीस और अन्य चीजों के दाम बढ़ने की संभावनाएं हैं.
घरेलू गैस के महंगे होने और बुकिंग के बीच लंबा अंतराल होने से कई परिवारों के लिए रसोई का बजट बिगड़ने की आशंका है. खासकर मध्यम वर्ग और दैनिक मजदूरी करने वाले परिवारों को इसका सबसे ज्यादा असर झेलना पड़ सकता है. फिलहाल, सरकार और तेल कंपनियों की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि गैस की आपूर्ति सामान्य है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण कीमतों में उतार-चढ़ाव संभव है.



