तेलंगाना में CM रेवंत रेड्डी के सामने 130 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, शीर्ष नेताओं से भी मुख्यधारा में आने की अपील

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने माओवादी संगठन के शीर्ष नेताओं, विशेषकर सहित केंद्रीय समिति के सभी सदस्यों से हथियार छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार माओवादियों के खिलाफ दर्ज मामलों को कानून के दायरे में रहते हुए वापस लेने और जरूरत पड़ने पर मामलों की समीक्षा के लिए समिति गठित करने को भी तैयार है.
मुख्यमंत्री ने यह बात हैदराबाद के एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र (Integrated Command and Control Centre) में आयोजित माओवादी आत्मसमर्पण कार्यक्रम के दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही. इस कार्यक्रम में कुल 130 माओवादियों ने 124 अत्याधुनिक हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया.
सीएम ने किया सरेंडर करने वाले माओवादियों का स्वागत
मुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने उन्हें मुख्यधारा में लौटने का आह्वान किया था और इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देना एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि सरकार इन सभी को समाज की मुख्यधारा में पुनर्वास करने के लिए प्रतिबद्ध है.
रेवंत रेड्डी ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को आर्थिक सहायता पैकेज देने पर भी जल्द निर्णय लिया जाएगा. इसके साथ ही राज्य सरकार उनकी बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, आवास और पुनर्वास की जिम्मेदारी भी उठाएगी. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने भी राज्यों को आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों को स्वास्थ्य, वित्तीय सहायता और आवास उपलब्ध कराने की अनुमति दी है.
गृहमंत्री अमित शाह ने लिया संज्ञान
मुख्यमंत्री ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले केंद्रीय समिति के सदस्यों देवजी और दामोदर सहित अन्य नेताओं के प्रस्तावों को उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संज्ञान में भी लाया है. उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में ये पूर्व माओवादी जनता की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने में रचनात्मक भूमिका निभाएंगे.
रेवंत रेड्डी ने जोर देकर कहा कि किसी भी समस्या का समाधान हिंसा नहीं बल्कि संवाद है. उन्होंने कहा कि ‘बैलेट, बुलेट से ज्यादा ताकतवर होता है’ और भारत हमेशा शांतिपूर्ण तरीके से समस्याओं के समाधान में विश्वास करता है.
शांतिपूर्ण संघर्ष के जरिए देश को दिलाई थी आजादी
मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी के अहिंसक आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने शांतिपूर्ण संघर्ष के जरिए देश को आजादी दिलाई थी. आज भी दुनिया के कई देश बातचीत और लोकतांत्रिक तरीकों से विवादों को सुलझा रहे हैं.
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने तेलंगाना पुलिस अधिकारियों की भी सराहना की, जिन्होंने माओवादियों को आत्मसमर्पण के लिए विश्वास दिलाया और पुनर्वास का भरोसा दिया. उन्होंने कहा कि राज्य में शांति और विकास के लिए सभी को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी निभानी चाहिए.



