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Jammu Kashmir News: रणजी ट्रॉफी फाइनल: 67 साल में इतिहास रचने को तैयार जम्मू-कश्मीर, फाइनल मैच देखने कर्नाटक पहुंचे CM

जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम 67 साल में पहली बार इतिहास रचने की कगार पर है. हुबली में खेले जा रहे फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन के बाद अपने पहले रणजी ट्रॉफी खिताब के करीब पहुंच रही है. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री अपने सलाहकार और दूसरे अधिकारियों के साथ इस ऐतिहासिक पल को खुद देखने के लिए कर्नाटक के हुबली पहुंचे.

टीम के एक बड़ी जीत के करीब पहुंचने पर गर्व और उम्मीद से भरे माहौल में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपना उत्साह शेयर किया. उन्होंने कहा कि टीम ने फाइनल में पहुंचकर पहले ही ‘लाखों लोगों को गर्व’ महसूस कराया है और जब वे एक शानदार जीत के करीब पहुंच रहे हैं तो स्टैंड से उनका उत्साह बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं.

उमर अब्दु्ल्ला ने पोस्ट शेयर कर दी जानकारी

मुख्यमंत्र उमर अब्दुल्ला ने ‘X’ पर एक पोस्ट में कहा कि हम रणजी ट्रॉफी का फाइनल खेल रही जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम का उत्साह बढ़ाने के लिए हुबली जा रहे हैं. उन्होंने फाइनल में पहुंचकर अपनी उपलब्धियों से लाखों लोगों को बहुत गर्व महसूस कराया है.

उन्होंने आगे लिखा कि मैं शनिवार (28 फरवरी) को स्टैंड में उनका उत्साह बढ़ाने के लिए सच में उत्सुक हूं. मुख्यमंत्री के साथ उनके सलाहकार नासिर असलम वानी, MLA और NC के प्रवक्ता तनवीर सादिक और पहलगाम के MLA अल्ताफ वानी भी हैं. 

मैच में भारी बढ़त बनाए हुए है टीम

मैदान पर जम्मू और कश्मीर ने पूरा दबदबा बनाए रखा है. जिससे कर्नाटक क्रिकेट टीम लय पाने के लिए संघर्ष करती दिख रही है. जम्मू-कश्मीर के टीम ने पहली पारी में 291 रन की बड़ी बढ़त हासिल करने के बाद अपनी दूसरी पारी में और मजबूती हासिल की.

11/2 पर शुरुआती झटके के बावजूद, कमरन इकबाल ने 94 रन बनाकर पारी को संभाला, और एक अहम दौर में टीम को पहुंचाया. उन्होंने कन्हैया डोगरा और अब्दुल समद के साथ अहम पार्टनरशिप की जिससे विरोधी टीम निराश हुई और टीम ने मजबूती से कंट्रोल कर लिया.

दिन का खेल खत्म होने तक हासिल की मजबूती

स्टंप्स तक, बढ़त 477 रन तक पहुंच गई थी, जिसमें साहिल लोत्रा दूसरे छोर पर मजबूती से डटे हुए थे, जिससे मुकाबले में जम्मू-कश्मीर का दबदबा साफ दिख रहा था. इससे पहले, जम्मू-कश्मीर की बॉलिंग यूनिट ने शानदार प्रदर्शन करके दबदबे की शुरुआत की. 

औकिब नबी की लीडरशिप में, जिन्होंने इस सीजन में अपना सातवां फाइव-विकेट हॉल लिया, टीम ने कर्नाटक की बैटिंग लाइनअप को बड़ी सफाई से ध्वस्त कर दिया. हालांकि मयंक अग्रवाल 207 गेंदों पर 130 रन बनाकर डटे रहे, लेकिन बाकी बैटिंग ऑर्डर से सपोर्ट की कमी ने कर्नाटक को बड़ी मुश्किल में डाल दिया. रेगुलर ब्रेकथ्रू ने यह पक्का कर दिया कि वे शुरुआती झटकों से कभी उबर नहीं पाए.

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने की खिलाड़ियों की तारीफ

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने खिलाड़ियों के अनुशासन और पक्के इरादे की तारीफ की. साथ ही टीम सेलेक्शन में ट्रांसपेरेंसी पक्का करने में जम्मू और कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन की भूमिका को भी माना. डॉ. जितेंद्र सिंह ने ‘X’ पर एक पोस्ट में कहा कि जम्मू-कश्मीर की जोशीली टीम को चल रही रणजी ट्रॉफी में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं.

उन्होंने आगे लिखा कि मैदान पर आपके धैर्य, अनुशासन और पक्के इरादे ने पूरे इलाके को गर्व महसूस कराया है. जिस तरह से आपने नेशनल लेवल पर टैलेंट और हिम्मत दिखाई है, वह सच में प्रेरणा देने वाला है. JKCA के ब्रिगेडियर अनिल गुप्ता और  मिथुन मन्हास भी तारीफ के काबिल हैं. जिन्होंने जम्मू-कश्मीर में निष्पक्ष और पारदर्शी टीम सिलेक्शन का कल्चर लाने के लिए कड़ी मेहनत की है. इसका नतीजा सबके सामने हैं.

पीडीपी विधायक ने दी प्रतिक्रिया

इस बीच PDP MLA वहीद उर रहमान पारा ने कहा कि जम्मू और कश्मीर क्रिकेट टीम का Ranji Trophy Final जीतना सिर्फ एक ट्रॉफी उठाने के बारे में नहीं है. यह सिर्फ जीतने के बारे में नहीं है, यह रास्ता दिखाने के बारे में है. 

ऐसे समय में जब हमारे आस-पास बहुत कुछ बिखरा हुआ लगता है, जब संस्थाएं विवाद का मुद्दा बन जाती हैं, जब युवाओं को लगता है कि उनकी बात नहीं सुनी जा रही है, जब इलाके, धर्म और पहचान पर बहस तेज हो जाती है, यह जीत अलग लगती है. यह हम सभी के लिए पर्सनल लगती है.

ट्रॉफी अपने नाम कर सकती है टीम

शनिवार को फाइनल मैच का आखिरी दिन है, जम्मू और कश्मीर मजबूती से आगे है क्योंकि अगर मैच ड्रॉ भी हो जाता है, तो पहली इनिंग में अच्छी-खासी बढ़त जम्मू-कश्मीर टीम को चैंपियन बना देगी जिसने छह दशकों में अपना पहला रणजी ट्रॉफी टाइटल पक्का कर लिया है.

जैसे ही टीम आखिरी जोर लगाने की तैयारी कर रही है. सभी की नजरें हुबली पर टिकी हैं. जहां जम्मू और कश्मीर अपने क्रिकेट इतिहास में एक सुनहरा अध्याय लिखने से बस एक कदम दूर है. मैदान पर बहुत खराब प्रदर्शन ही जम्मू-कश्मीर से ट्रॉफी छीन सकता है.

AZMI DESK

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