‘नाम पूछकर मार रहे, मुसलमान नहीं डरेगा’, ओवैसी ने कई राज्यों की घटनाओं का जिक्र कर सरकारों से मांगा जवाब

एक सार्वजनिक सभा में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने देश के अलग-अलग हिस्सों में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ हिंसा और कथित उत्पीड़न के मामलों को उठाते हुए कहा कि ‘नाम पूछकर मारना और डर का माहौल बनाना खतरनाक संकेत है.’
उन्होंने उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की हालिया घटनाओं का हवाला देते हुए केंद्र और राज्य सरकारों से जवाब मांगा. यह बयान ऐसे समय आया है जब कई राज्यों में सांप्रदायिक तनाव की खबरें सामने आई हैं.
ओवैसी ने क्या दावा किया है?
ओवैसी ने दावा किया कि उत्तराखंड के रुद्रपुर में मोहम्मद फिरोज नामक व्यक्ति को कथित तौर पर नाम पूछने के बाद पीटा गया और धार्मिक नारे लगाने के लिए मजबूर किया गया. मेरठ में कपड़ा बेचने वाले वासिद नाम के व्यक्ति के साथ मारपीट और लूट की बात भी कही.
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के सिहोरा क्षेत्र में 19 और 20 फरवरी को मस्जिद के सामने झड़प, तोड़फोड़ और ठेलों को पलटने की घटनाओं का भी उल्लेख किया. हालांकि, इन मामलों में स्थानीय पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर जांच और कानूनी कार्रवाई की बात कही है. कुछ मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी की भी जानकारी सामने आई है, जबकि कुछ घटनाओं की पुष्टि और कारणों को लेकर जांच जारी है.
विवाह कानून में हालिया संशोधन पर उठाए सवाल
ओवैसी ने गुजरात में विवाह कानून में किए गए हालिया संशोधन पर भी सवाल उठाए. उनका कहना था कि शादी के लिए माता-पिता की मंजूरी को अनिवार्य बनाना व्यक्तिगत स्वतंत्रता और संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले अधिकारों के खिलाफ है. गुजरात सरकार का पक्ष है कि यह कदम जबरन या धोखे से होने वाली शादियों को रोकने और सामाजिक पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है.
सभा में उन्होंने सार्वजनिक स्थानों, विशेषकर ट्रेनों में नमाज़ पढ़ने को लेकर विवादों और कथित दुर्व्यवहार का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि डराने की कोशिशों से समुदाय पीछे नहीं हटेगा और कानून का पालन सभी के लिए समान होना चाहिए.



