यूपी में चुनाव से पहले एक्टिव हुए मोहन भागवत! 15 दिनों में दूसरी बार लखनऊ पहुंचेंगे संघ प्रमुख

संघ प्रमुख मोहन भागवत एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के दौरे पर जाने वाले हैं. सूत्रों के मुताबिक, मोहन भागवत एक मार्च की सुबह दिल्ली से लखनऊ पहुंचेंगे. मोहन भागवत लखनऊ में निरालानगर स्थित संघ कार्यालय जाएंगे. सूत्रों ने यह बताया कि वो 1 मार्च की शाम को ही लखनऊ से दिल्ली वापस लौट जाएंगे. संघ से जुड़े सूत्रों का यह भी दावा है कि 28 फरवरी की देर शाम भी मोहन भागवत लखनऊ पहुंच सकते हैं.
मोहन भागवत का यह लखनऊ दौरा क्यों हो रहा है, इसकी जानकारी अभी तक बाहर नहीं आ पा रही है. इतना जरूर पता चला है कि यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी संघ प्रमुख से मुलाकात कर सकते हैं. यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी भी कल लखनऊ पहुंचेंगे. यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ और यूपी बीजेपी के संगठन महामंत्री धर्मपाल भी मुलाकात कर सकते हैं. हालांकि अभी तक इन मुलाकातों की औपचारिक पुष्टि नहीं हो पाई है.
16 फरवरी को लखनऊ दौरे पर पहुंचे थे आरएसएस प्रमुख
बीते 15 दिनों में यह उनका दूसरा लखनऊ दौरा होगा. इससे पहले 16 फरवरी को मोहन भागवत गोरखपुर से लखनऊ पहुंचे थे. अपने पिछले लखनऊ दौरे के दौरान मोहन भागवत ने यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ से लगभग 40 मिनट तक मुलाकात की थी. वहीं यूपी के दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक से भी अलग अलग 30 मिनट की मुलाकात की थी.
फरवरी में गोरखपुर समेत इन शहरों में जा चुके संघ प्रमुख
यूपी में साल 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं. उससे पहले संघ प्रमुख पूरी तरह से एक्टिव नज़र आ रहे हैं. फरवरी में ही गोरखपुर, लखनऊ और मेरठ का दौरा किया. अब एक बार फिर से लखनऊ पहुंचने की खबर ने यूपी की सियासत में यह चर्चा शुरू कर दी है कि आखिरकार मोहन भागवत यूपी में इतनी दिलचस्पी क्यों ले रहे हैं?
यूपी में इतने एक्टिव क्यों हैं संघ प्रमुख?
कुछ जानकारों का मानना है कि साल 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की सीटें काफी कम हुईं और समाजवादी पार्टी ने जीत हासिल की. बीते चुनाव के नतीजों ने संघ को यूपी में नए सिरे से सोचने पर मजबूर किया है. अब संघ उत्तर प्रदेश के सामाजिक समीकरणों का विशेष ख्याल रख रहा है क्योंकि अखिलेश यादव के सामाजिक न्याय के मुद्दे ने बीजेपी को यूपी में नुकसान पहुंचाया है.
यही नहीं कुछ जानकारों का यह भी मानना है कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी में गुटबाज़ी से भी संघ चिंतित नजर आ रहा है. इसीलिए संघ प्रमुख लगातार उत्तर प्रदेश के अलग अलग हिस्सों का दौरा कर रहे हैं. हालांकि संघ सार्वजनिक तौर पर यही कहता है कि वो सियासत से दूर है. संघ यह भी कहता है कि बीजेपी के फैसलों में उसकी कोई भूमिका नहीं होती है, लेकिन संघ और बीजेपी को करीब से समझने वाले लोग यह अच्छी तरह से जानते हैं कि बीजेपी के फैसलों में संघ कितना प्रभावशाली होता है. अब नजरें संघ प्रमुख मोहन भागवत के लखनऊ दौरे पर टिकी हुई हैं. आखिरकार मोहन भागवत अचानक लखनऊ क्यों पहुंच रहे हैं?



