Delhi News: यूथ कांग्रेस चीफ उदय भानु की गिरफ्तारी का विरोध, दिल्ली में सड़कों पर उतरे नेता और कार्यकर्ता

उदय भानु चिब की गिरफ्तारी के विरोध में भारतीय युवा कांग्रेस ने आज शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया. राजधानी में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस कार्यकर्ता जुटे और नेतृत्व की रिहाई की मांग को बुलंद किया. माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कार्यकर्ताओं के तेवर साफ तौर पर आक्रोश से भरे दिखे.
इस दौरान सभी नेताओं ने एक स्वर में मांग की कि उदय भानु चिब और अन्य युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जल्द से जल्द रिहा किया जाए. वक्ताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है और इसे अपराध की तरह पेश करना दुर्भाग्यपूर्ण है. उनका कहना था कि युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता देश भर में युवाओं, किसानों और आम नागरिकों की आवाज उठाते रहे हैं और इसी कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है.
‘जवाबदेही मांगो तो गिरफ्तारी’
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि जब ‘Compromised PM’ से जवाबदेही मांगी जाती है तो जवाब देने के बजाय गिरफ्तारी का रास्ता अपनाया जाता है. उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से आंदोलन कमजोर नहीं होगा, बल्कि युवा कांग्रेस का संघर्ष और मजबूत होगा. मंच से बार-बार लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा का संकल्प दोहराया गया.
देशभर से पहुंचे युवा कार्यकर्ता
विरोध प्रदर्शन में देश के अलग-अलग राज्यों से आए युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं, राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों और प्रदेश अध्यक्षों ने भाग लिया. बड़ी संख्या में मौजूद युवाओं ने शांतिपूर्वक बैठकर विरोध दर्ज कराया और नेतृत्व के समर्थन में नारे लगाए. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब तक गिरफ्तार नेताओं और कार्यकर्ताओं को रिहा नहीं किया जाता, तब तक लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने का सिलसिला जारी रहेगा.
कांग्रेस दिग्गजों की मौजूदगी से सियासी संदेश
इस मौके पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने इसे खास बना दिया. एआईसीसी मीडिया विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा, पूर्व युवा कांग्रेस अध्यक्ष और एआईसीसी सचिव श्रीनिवास बी वी, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव, एआईसीसी दिल्ली प्रभारी काजी निजामुद्दीन, पंजाब के विधायक राणा गुरजीत सिंह, ओडिशा कांग्रेस प्रभारी अजय कुमार लल्लू, एआईसीसी सचिव अभिषेक दत्त और तौकीर आलम सहित कई अन्य वरिष्ठ नेता मंच पर मौजूद रहे. नेताओं की एकजुटता ने साफ संकेत दिया कि पार्टी इस मुद्दे को गंभीरता से उठा रही है.



