Mahoba News: इंसाफ के लिए हाईवे पर तड़पता घायल, 3 महीने बाद भी नहीं मिला इलाज, परिवार ने लगाया जाम

उत्तर प्रदेश के महोबा में तीन महीने पहले हुए सड़क हादसे के शिकार एक परिवार का धैर्य आज जवाब दे गया. वन रेंजर की कार से घायल हुए ख्याली प्रसाद यादव के परिजनों ने इलाज के लिए जमीन, ट्रैक्टर और अनाज तक बेच दिया, लेकिन कोई मदद नहीं मिली. आज बेबस परिवार ने मरणासन्न हालत में घायल को उसी हाईवे पर लिटाकर जाम लगा दिया जहाँ हादसा हुआ था. परिजनों का आरोप है उचित कार्रवाई के नाम पर दरोगा ने 20 हजार रुपए तक ले लिए. परिजनों ने एक करोड़ के मुआवजा और आरोपी पर कार्रवाई की मांग की है.
ख्याली प्रसाद यादव, जिसे 10 दिसंबर को अजनर वन रेंजर की कार ने जोरदार टक्कर मारी थी. हादसे के तीन महीने बीत चुके हैं. ख्यालीराम की पत्नी राजकुमारी और मां कट्टोदेवी का रो-रोकर बुरा हाल है. उनका आरोप है कि इलाज के नाम पर रेंजर और पुलिस ने उन्हें सिर्फ ठगा है. जिस दरोगा पर कार्रवाई की जिम्मेदारी थी, उसने 20 हजार रुपये ले लिए लेकिन मदद के नाम पर कुछ नहीं किया.
इलाज के लिए परिजनों ने बेच दी जमीन
परिवार का दावा है कि घायल ख्यालीराम के इलाज के लिए उन्होंने अपनी दो बीघा जमीन, घर का ट्रैक्टर और यहां तक कि घर में रखा अनाज तक बेच दिया. 20 लाख रुपये खर्च करने के बाद भी ख्यालीराम की हालत में कोई सुधार नहीं है. अब परिवार के पास न तो पैसा बचा है और न ही उम्मीद.
परिजनों ने मुआवजे की मांग की
घर में तीन बच्चे हैं, बेटी की शादी करनी है और घर का इकलौता कमाने वाला बिस्तर पर पड़ा है. इसी हताशा में परिजनों ने घायल को उसी दुर्घटनास्थल पर रखकर जाम लगा दिया. करीब 3 घंटे तक हाईवे ठप रहा, सैकड़ों वाहन फंसे रहे. परिजनों की मांग है कि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई हो, रिश्वत लेने वाले दरोगा को सजा मिले और बच्चों के भविष्य के लिए एक करोड़ का मुआवजा दिया जाए.
अधिकारियों ने दिया कार्रवाई का भरोसा
मौके पर पहुंचे सीओ चरखारी दीपक दुबे और एडीएम ने काफी मशक्कत के बाद परिजनों को समझाया. प्रशासन की ओर से हर संभव मदद और बेहतर इलाज का भरोसा मिलने के बाद ही जाम खुल सका. घायल को एक बार फिर जिला अस्पताल ले जाया गया है. एसडीएम कुंवर पंकज ने कहा कि मामले में वाहन संख्या सहित मुकदम दर्ज है. वहीं घायल के समुचित इलाज के लिए परिवार को आश्वासन दिया है.



