पुष्कर धामी कैबिनेट का बड़ा फैसला, 1.11 लाख करोड़ का बजट, 28 प्रस्तावों पर मुहर, पढ़ें फैसले

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज 25 फरवरी 2026, बुधवार को कैबिनेट अहम बैठक हुई. कैबिनेट की बैठक में कुल 32 मुद्दों पर मंथन हुआ और 28 प्रस्तावों पर मुहर लगी. आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए उत्तराखंड सरकार 1.11 लाख करोड़ रुपये का बजट विधानसभा में पेश करने जा रही है.
पिछले साल के मुकाबले यह बढ़ोतरी 10 फीसदी की है. यानी करीब 10,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन. मंत्रिमंडल ने बजट में जरूरत पड़ने पर संशोधन का अधिकार सीधे मुख्यमंत्री धामी को सौंप दिया है.
बच्चों और महिलाओं के लिए पोषण
मुख्यमंत्री बाल पोषण अभियान के तहत 3 से 6 साल के बच्चों को दी जाने वाली सामग्रियों में अब नई चीजें जोड़ी जाएंगी. इसी तरह मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना में भी बदलाव हुआ है — अंडा, दूध और केले के अलावा अब अन्य पोषक खाद्य पदार्थ भी महिलाओं को बच्चों को मिलेंगे.
न्याय व्यवस्था को मजबूती
देहरादून के विकासनगर, उधमसिंह नगर के काशीपुर और नैनीताल जिला मुख्यालय में तीन नए फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट खुलेंगे. इसके अलावा नैनीताल हाईकोर्ट के लिए एक और जिला न्यायालयों के लिए 13 — कुल 14 नए कोर्ट मैनेजर के पद बनाए गए हैं. इसके साथ ही 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों को मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना में शामिल किया जाएगा. साथ ही स्वामी विवेकानंद उत्तराखंड पुस्तकालय योजना को भी हरी झंडी मिली.
पर्यावरण और पानी की चिंता
प्रदेश के सभी 11 नगर निगमों में पर्यावरण अभियंता के पद सृजित होंगे और संविदा आधार पर भर्ती की जाएगी. उत्तराखंड में उपचारित जल के पुन: उपयोग की नीति 2026 को भी मंजूरी मिली. विश्व बैंक से वित्त पोषित जलापूर्ति कार्यक्रम भी इसी कड़ी का हिस्सा है.
बागवानी और मौन पालन
सेब की अत्याधुनिक नर्सरी विकास योजना 2026 और मौन पालन नीति 2026 को मंजूरी मिलना उत्तराखंड के पहाड़ी किसानों के लिए राहत की बात है. सेब की नर्सरी हो या शहद का उत्पादन — ये दोनों ही उत्तराखंड की जलवायु और भूगोल के हिसाब से सबसे उपयुक्त आजीविका के साधन हैं.
समान नागरिक संहिता में संशोधन
समान नागरिक संहिता, उत्तराखंड (संशोधन) विधेयक 2026 को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई. यह विधेयक विधानसभा में पेश किया जाएगा. उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने यूसीसी लागू किया था, और अब इसमें संशोधन के जरिए व्यवहारिक सुधारों की कोशिश की जा रही है.
जीएसटी अपीलीय ट्रिब्यूनल
देहरादून में जीएसटी अपीलीय अधिकरण की मुख्यपीठ यथावत रहेगी, लेकिन अब हल्द्वानी में एक अतिरिक्त पीठ या सर्किट बेंच भी स्थापित होगी. कुमाऊं के व्यापारियों को अब देहरादून के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे
विशेष शिक्षकों को राहत
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में चार विशेष शिक्षकों को, जो वर्षों से तदर्थ या संविदा आधार पर काम कर रहे थे, अब माध्यमिक शिक्षा विभाग में नियमित नियुक्ति दी जाएगी. भले ही संख्या सिर्फ चार है, लेकिन इन चार लोगों के लिए यह किसी बड़े बदलाव से कम नहीं.



