मुजफ्फरनगर में बैंक लॉकर न खुलने से अटकी CBSE परीक्षा, 3 घंटे इंतजार करते रहे छात्र

उतर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर के खतौली स्थित मॉडर्न पब्लिक स्कूल परीक्षा केंद्र पर शनिवार को सीबीएसई बोर्ड की 10वीं कक्षा के अंग्रेजी के पेपर के दौरान अभूतपूर्व अव्यवस्था देखने को मिली. तकनीकी खराबी के चलते प्रश्नपत्र केनरा बैंक के लॉकर में ही लॉक हो गए, जिसके कारण परीक्षा निर्धारित समय के बजाय करीब 3 घंटे की देरी से शुरू हो सकी. इस घटना से छात्रों को भारी मानसिक तनाव झेलना पड़ा और अभिभावकों में स्कूल प्रशासन व बैंक के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है.
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह 10:00 बजे से 10वीं कक्षा का अंग्रेजी का पेपर होना था. सीबीएसई के नियमों के मुताबिक प्रश्नपत्र बैंकों में सुरक्षित रखे जाते हैं. स्कूल स्टाफ जब सुबह 9:30 बजे केनरा बैंक पेपर लेने पहुँचा, तो वहां का लॉकर तकनीकी खराबी के कारण नहीं खुला. बैंक कर्मियों और स्कूल स्टाफ ने लॉकर खोलने का काफी प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली. काफी समय बीत जाने के बाद स्कूल प्रशासन ने सीबीएसई बोर्ड को इस संकट की जानकारी दी.
ई-मेल से आया पेपर, मंगवाई गईं फोटोकॉपी मशीनें
जब बैंक का लॉकर नहीं खुला, तो बोर्ड ने आपातकालीन स्थिति में स्कूल की आधिकारिक मेल आईडी पर प्रश्नपत्र भेजा. इसके बाद खतौली के अन्य सीबीएसई स्कूलों से भी फोटोकॉपी मशीनें मंगवाई गईं. तीन से चार मशीनों की मदद से प्रिंटआउट निकालकर बच्चों को प्रश्नपत्र बांटे गए. सुबह 10:00 बजे शुरू होने वाला पेपर दोपहर 1:00 बजे शुरू हो सका, जो शाम 4:00 बजे जाकर संपन्न हुआ. परीक्षा केंद्र पर मॉडर्न पब्लिक स्कूल, न्यू सेंट मैरी, लाल दयाल और श्री राम पब्लिक स्कूल सहित करीब 332 छात्र परीक्षा दे रहे थे.
सात घंटे तक स्कूल में कैद रहे छात्र, अभिभावक नाराज
अभिभावक इंद्रेश कुमार ने स्कूल की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि बच्चे सुबह 9:30 बजे से परीक्षा केंद्र के अंदर बैठे थे. उन्हें बाहर भी नहीं आने दिया गया. उन्होंने सवाल उठाया कि 10वीं कक्षा का बच्चा 7 घंटे तक एक ही सीट पर बैठकर परीक्षा कैसे दे पाएगा? उन्होंने इसे बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए कहा कि यदि पेपर नहीं था, तो परीक्षा स्थगित कर देनी चाहिए थी, न कि फोटोकॉपी के भरोसे इस तरह परीक्षा करानी चाहिए थी.
मैनेजर ने बैंक पर फोड़ा लापरवाही का ठीकरा
स्कूल के मैनेजर कुलदीप त्यागी ने बताया कि यह पूरी तरह से बैंक की लापरवाही है. बैंक को समय रहते लॉकर की जांच करनी चाहिए थी. उन्होंने स्पष्ट किया कि सीबीएसई के निर्देशानुसार मेल पर प्राप्त पेपर का प्रिंटआउट लेकर वितरण किया गया और छात्रों को परीक्षा के लिए पूरा समय दिया गया. वहीं, पुलिस और प्रशासन भी इस पूरी घटना पर नजर बनाए हुए है.



