मानहानि केस में सुल्तानपुर पहुंचकर राहुल गांधी ने दर्ज कराया बयान, गृहमंत्री अमित शाह से जुड़ा है मामला

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार (20 फरवरी, 2026) को यूपी के सुल्तानपुर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने एमपी-एमएलए कोर्ट में अपना बयान दर्ज करवाया. राहुल गांधी के वकील काशी प्रसाद शुक्ला की मानें तो उन्होंने अपने बयान को निराधार बताया और इस मुकदमे को राजनीति से प्रेरित बताया. इस मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च को होनी है.
क्या है पूरा मामला?
यह मामला करीब 8 साल पुराना है. कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान एक प्रेस वार्ता में राहुल ने तत्कालीन बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान में गृहमंत्री अमित शाह पर एक आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी. इसी टिप्पणी से नाराज होकर सुल्तानपुर के बीजेपी नेता और पूर्व को-ऑपरेटिव चेयरमैन विजय मिश्रा ने एक केस दाखिल किया था. इसे कोर्ट ने करीब तीन साल पहले स्वीकार कर लिया था. साथ ही राहुल के खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश दिया था.
इसी केस में पिछले साल राहुल को मिली थी जमानत
इसी मामले में बीते साल 20 फरवरी को राहुल गांधी ने सुल्तानपुर पहुंचकर अपनी जमानत करवा ली थी. 26 जुलाई को एमपी एमएलए कोर्ट में अपना बयान भी दर्ज करवा दिया था. बीते 6 जनवरी को एमपी एमएलए कोर्ट में 19 जनवरी को सुनवाई की तिथि तय की थी. धारा, 313 के तहत राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से तलब होकर अपना बयान दर्ज करवाने का निर्देश दिया था. उस दिन राहुल गांधी कोर्ट में पेश नहीं हुए.
अभियोजन पक्ष के वकील संतोष पांडे के अनुसार 20 फरवरी को राहुल गांधी को न्यायालय में पेश होकर अपना बयान दर्ज करवाने का अंतिम मौका दिया गया था. इसी के लिए राहुल गांधी आज सुल्तानपुर के दीवानी न्यायालय पहुंचे और एमपी एमएलए कोर्ट में पहुंचकर उन्होंने अपना बयान दर्ज करवाया. राहुल गांधी की वकील काशी प्रसाद शुक्ल के अनुसार राहुल ने अपने बयान को निराधारण बताया और राजनीति से प्रेरित बताया. बहरहाल इस मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च 2026 को होनी है.



