Assembly Election 2026 Live: ‘कानून सबके लिए बराबर, बंगाल में किसी को भी 4 शादी की…’, UCC को लेकर क्या बोले अमित शाह

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने शुक्रवार को चुनावी घोषणापत्र जारी किया, जिसे पार्टी ने ‘भरोसा पत्र’ नाम दिया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम में इस संकल्प पत्र को जारी किया.घोषणापत्र में महिलाओं, युवाओं और किसानों समेत सभी प्रमुख वर्गों को ध्यान में रखा गया है. इसमें कई योजनाओं और नकद सहायता के वादे भी शामिल हैं.
असम, केरलम और पुडुचेरी में गुरुवार को विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग हुई. शाम 6 बजे तक पुडुचेरी में 89.87 फीसदी, असम में 85.91 फीसदी और केरलम में 78.27 फीसदी मतदान हुआ. बंपर वोटिंग के बाद अब उम्मीदवारों की किस्मत EVM में कैद हो गई है. अब लोगों को बंगाल चुनाव और तमिलनाडु में होने वाले मतदान का इंतजार है.
बंगाल: चुनाव से पहले कोलकाता पुलिस का सख्त कदम, रात में गश्त के आदेश
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोलकाता पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है. कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंद ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को रात 10 बजे से 2 बजे तक सड़कों पर गश्त करने के निर्देश दिए हैं. गुरुवार को आयोजित बैठक में पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि वे रात के समय क्षेत्रों में सक्रिय रूप से मौजूद रहें और निरीक्षण करें. उन्होंने चुनाव से जुड़े सभी मामलों में कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा, ताकि घटनाओं की गंभीरता समझकर तुरंत आवश्यक निर्देश दिए जा सकें.
बैठक में शहर के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर और डिप्टी कमिश्नर स्तर के अधिकारी भी मौजूद थे. उन्हें भी रात में गश्त और नाका चेकिंग के दौरान उपस्थित रहकर पूरे अभियान की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं. वरिष्ठ अधिकारियों को केंद्रीय बलों के साथ समन्वय बनाकर काम करने को कहा गया है. विधानसभा चुनाव से पहले संवेदनशील इलाकों की जांच और निगरानी पर विशेष जोर दिया जा रहा है.
पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा. कोलकाता की 11 सीटों पर 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे, जबकि मतगणना 4 मई को होगी. फिलहाल राज्य की पुलिस व्यवस्था चुनाव आयोग के नियंत्रण में है.
इस बीच, भवानीपुर में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के नामांकन के दौरान हुई अशांति के बाद चुनाव आयोग ने पुलिस आयुक्त से कानून-व्यवस्था संभालने की क्षमता पर सवाल भी किया था. इसके बाद अजय नंद ने लालबाजार मुख्यालय में अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष बैठक की. गौरतलब है कि चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने सुप्रतिम सरकार को कोलकाता पुलिस आयुक्त पद से हटाकर अजय नंद की नियुक्ति की थी.
वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी गुरुवार को पुलिस की भूमिका पर नाराजगी जताई. आरोप है कि उनके नामांकन मार्च के दौरान उन्हें पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिली. इन हालात में कोलकाता पुलिस ने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि मतदान भयमुक्त और निष्पक्ष माहौल में कराया जाएगा. किसी भी तरह की गड़बड़ी या बूथ जाम करने की कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने लोगों से बिना डर के मतदान करने की अपील की है और कहा है कि यदि किसी को वोट डालने से रोका जाता है, तो तुरंत नजदीकी थाने में शिकायत करें.
असम में चुनाव के बाद हिमंता का दावा- सरकार फिर हमारी बनेगी
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने गुरुवार को हुए विधानसभा चुनावों में मतदान प्रतिशत पर संतोष व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि खासकर हिंदू और स्वदेशी समुदायों में दिखा उत्साह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है. मतदान संपन्न होने के बाद सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि स्थानीय और स्वदेशी मतदाताओं में भागीदारी में स्पष्ट बढ़ोतरी देखी गई है. उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत बताते हुए कहा कि ऐसी सक्रिय भागीदारी चुनावी प्रणाली को मजबूत करती है और शासन में जनता के भरोसे को दर्शाती है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ता हुआ मतदान प्रतिशत इस बात का संकेत है कि लोग अब अधिक जागरूक हैं और अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का उपयोग करने के लिए उत्सुक हैं. उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण मतदान और मतदाताओं का उत्साह राज्य में जीवंत लोकतांत्रिक संस्कृति को दर्शाता है. सरमा ने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन की जीत को लेकर भी भरोसा जताया और कहा कि 126 सदस्यीय विधानसभा में गठबंधन 90 से अधिक सीटें जीत सकता है. उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों से मिले जनसमर्थन से साफ संकेत मिलता है कि जनता का जनादेश सत्तारूढ़ गठबंधन के पक्ष में है.
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ज्यादा मतदान से लोकतांत्रिक व्यवस्था और मजबूत होगी और इससे अधिक प्रतिनिधित्व वाली सरकार बनेगी. उन्होंने कहा कि अंतिम नतीजे राज्य की जनता की आकांक्षाओं को दर्शाएंगे, क्योंकि इस बार असम में हाल के वर्षों के सबसे ज्यादा भागीदारी वाले चुनावों में से एक देखा गया.
चुनाव आयोग के अनुसार, असम में इस बार 85.38 प्रतिशत का रिकॉर्ड मतदान हुआ, जो 2016 के 84.67 प्रतिशत के पिछले रिकॉर्ड से अधिक है. अधिकारियों ने मतदान को कुल मिलाकर शांतिपूर्ण बताया, जहां केवल कुछ स्थानों से मामूली घटनाएं सामने आईं. प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, महिला मतदाताओं (85.96 प्रतिशत) की भागीदारी पुरुषों (84.80 प्रतिशत) से थोड़ी अधिक रही, जबकि थर्ड जेंडर मतदाताओं का प्रतिशत 36.84 रहा.



