उत्तराखंड की अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा, डॉग स्क्वाड तैनात

उत्तराखंड के विभिन्न न्यायालयों को बीते तीन दिनों में बम से उड़ाने की धमकियां मिलने के बाद उत्तराखंड पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है. एहतियातन सभी अदालत परिसरों में सघन तलाशी अभियान चलाया गया. हालांकि राहत की बात यह रही कि कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ.
घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए पुलिस मुख्यालय ने हाईकोर्ट समेत प्रदेश के सभी न्यायालयों और न्यायाधीशों की सुरक्षा का व्यापक ऑडिट कराने के निर्देश जारी किए हैं. ऑडिट के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में जो भी कमियां सामने आएंगी, उन्हें तत्काल दूर किया जाएगा. इसके साथ ही अस्थायी तौर पर सुरक्षा घेरा और कड़ा करने के आदेश भी दिए गए हैं.
सभी जिलों में बढ़ेगी सुरक्षा
बुधवार को पुलिस मुख्यालय में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें न्यायालय परिसरों की सुरक्षा को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई. सभी जिलों में क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) गठित करने और उन्हें किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है. खुफिया तंत्र को भी सक्रिय कर संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं. पुलिस मुख्यालय ने आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की तैनाती के भी निर्देश जारी किए हैं. अब प्रत्येक न्यायालय में कार्यवाही शुरू होने से पहले बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वाड द्वारा नियमित जांच की जाएगी. पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही न्यायिक कार्य शुरू कराया जाएगा.
आने-जाने वालों की बढ़ेगी निगरानी
इसके अलावा अदालत परिसरों में प्रवेश व्यवस्था को सख्त किया गया है. आने-जाने वाले सभी लोगों की जांच की जाएगी और पहचान पत्र अनिवार्य रूप से देखा जाएगा. संदिग्ध व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की सुरक्षा चूक न हो. पर्याप्त संख्या में पीएसी बल की भी तैनाती सुनिश्चित की जा रही है.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी. न्यायिक संस्थानों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और आमजन को घबराने की आवश्यकता नहीं है. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन सतर्कता बरती जा रही है.



