MP: धार में लाइम स्टोन सर्वे के विरोध में पुलिस और सर्वे टीम पर पथराव, कांग्रेस बोली- जबरदस्ती नहीं चलेगी!

मध्य प्रदेश के धार जिले की कुक्षी विधानसभा के ग्राम खेलड़ी में श्री सीमेंट फैक्ट्री द्वारा लाइमस्टोन सैंपलिंग के दौरान ग्रामीणों ने विरोध करते हुए पुलिस और सर्वे टीम पर पथराव का मामला सामने आया है. घटना कुक्षी थाना क्षेत्र में हुई, जहां मशीनों और प्रशासनिक वाहनों में तोड़फोड़ भी की गई. प्रशासन फिलहाल स्थिति को नियंत्रित करने और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहा है.
मामला 18 फरवरी का है जब धार जिले के कुक्षी थाना अंतर्गत ग्राम तलावड़ी, टकारी, बामन्दा बायड़ी, मोगरा, भीमपुरा और खेड़ली में चुना पत्थर की उपलब्धता जांचने के लिए ड्रिलिंग सर्वे किया जा रहा था. श्री सीमेंट फैक्ट्री की ओर से सैंपलिंग के लिए मशीनें और अमला पुलिस बल के साथ गांव पहुंचा था.
ग्रामीणों को आशंका है कि सर्वे के बाद जमीन सीमेंट फैक्ट्री को सौंप दी जाएगी. इसी विरोध में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताया. देखते ही देखते गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों पर पथराव कर दिया.
कैसे बढ़ा विवाद?
जानकारी के अनुसार लाइमस्टोन की खोज के लिए क्षेत्र में ड्रिलिंग कर यह जांच की जा रही थी कि कितने क्षेत्रफल में और कितनी गहराई तक चुना पत्थर मौजूद है. एहतियातन कई थानों का पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया था.
ग्रामीणों ने सर्वे का भारी विरोध करते हुए प्रशासन और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की. पथराव और वाहनों में तोड़फोड़ की घटना सामने आई. हालांकि पुलिस कर्मियों ने हालात के बावजूद लाठीचार्ज नहीं किया. एसडीएम प्रमोद गुर्जर ने बताया कि सैंपलिंग कार्य का विरोध होने पर यह स्थिति बनी. प्रशासन ने ग्रामीणों को समझाइश दी है और फिलहाल क्षेत्र में शांति कायम है. प्रकरण दर्ज होने को लेकर पुलिस ने आधिकारिक जानकारी नहीं दी है, जबकि कुछ अधिकारी मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं.
कार्य केवल सरकारी जमीन पर होगा- प्रशासन
धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने पूर्व में बाग क्षेत्र में कैंप लगाकर ग्रामीणों से चर्चा की थी. उन्होंने आश्वस्त किया था कि कार्य केवल सरकारी जमीन पर होगा और निजी जमीन पर बिना सहमति कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. इसके बावजूद ग्रामीण सर्वे का विरोध कर रहे हैं. घटना के दौरान जयस नेता रविराज बघेल भी ग्रामीणों के बीच पहुंचे और कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही. प्रशासन और पुलिस लगातार संवाद कर स्थिति सामान्य करने का प्रयास कर रहे हैं.
जल-जंगल-जमीन पर जबरदस्ती नहीं चलेगी- कांग्रेस
वहीं मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने ट्वीट कर कहा कि आदिवासियों के जल जंगल जमीन पर जबरदस्ती नहीं चलेगी. उन्होंने लिखा- “धार व अलिराजपुर जिले के गंधवानी, कुक्षी और जोबट विधानसभा क्षेत्र के ग्रामों में सीमेंट फैक्ट्री के लिए चूना पत्थर ड्रिलिंग बिना ग्रामीणों की अनुमति और दबाव में कराया जा रहा है. यह सीधा-सीधा आदिवासी अधिकारों पर हमला है. मैं ग्रामीणों के आंदोलन का पूर्ण समर्थन करता हूं. कांग्रेस पार्टी आदिवासियों के हक की लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़ी है. सड़क से लेकर सदन तक यह लड़ाई लड़ी जाएगी. सरकार जवाब दे – किसके इशारे पर यह अन्याय किया जा रहा है?”



