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जम्मू-कश्मीर: अस्पतालों के 25% वेंटिलेटर खराब, मंत्री सकीना इट्टू ने विधानसभा में दी जानकारी

जम्मू-कश्मीर की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. प्रदेश के अस्पतालों में जीवन रक्षक प्रणाली माने जाने वाले वेंटिलेटर (Ventilators) में से करीब 25 प्रतिशत मशीनें खराब पड़ी हैं. बुधवार को सरकार ने विधानसभा में स्वयं स्वीकार किया कि केंद्र शासित प्रदेश में स्थापित कुल 877 वेंटिलेटर में से 219 काम नहीं कर रहे हैं.

स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इट्टू ने विधायक शमीम फिरदौस के एक सवाल के लिखित जवाब में ये आंकड़े पेश किए. आंकड़ों के मुताबिक, सबसे चिंताजनक स्थिति ‘गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (GMC) जम्मू’ की है. यहां कुल 320 वेंटिलेटर हैं, जिनमें से 111 मशीनें खराब हैं और केवल 209 ही काम कर रही हैं. यह संख्या किसी भी एक अस्पताल में सबसे अधिक है.

कश्मीर संभाग का हाल

कश्मीर घाटी में भी स्थिति अच्छी नहीं है. GMC अनंतनाग में हालात बेहद नाजुक हैं, जहां 36 में से सिर्फ 10 वेंटिलेटर चालू हालत में हैं. वहीं, श्रीनगर के प्रमुख SMHS अस्पताल में 8 और GMC श्रीनगर से जुड़े अन्य अस्पतालों में 44 वेंटिलेटर खराब पड़े हैं. प्रतिष्ठित संस्थान SKIMS (सौरा) और उससे जुड़े अस्पतालों में भी 53 में से 13 वेंटिलेटर काम नहीं कर रहे हैं. इसके अलावा GMC डोडा में 10, राजौरी में 3, और बारामूला व कठुआ में 2-2 वेंटिलेटर खराब हैं.

इन दो अस्पतालों में 100% मशीनें सही

पूरे प्रदेश में केवल दो अस्पताल ऐसे हैं जहां वेंटिलेटर की स्थिति शत-प्रतिशत सही पाई गई. GMC उधमपुर (39 वेंटिलेटर) और GMC हंदवाड़ा (6 वेंटिलेटर) में सभी मशीनें सुचारू रूप से काम कर रही हैं. क्रिटिकल केयर इंफ्रास्ट्रक्चर में इतनी बड़ी कमी गंभीर मरीजों के इलाज पर बड़ा सवालिया निशान है.

AZMI DESK

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