राज्य

हरियाणा: पानीपत जिला परिषद चेयरपर्सन बनीं ज्योति शर्मा, बराबर वोट मिलने पर पर्ची से हुआ फैसला

पानीपत जिला परिषद के चेयरपर्सन पद का चुनाव इस बार पूरी तरह रोमांच से भरा रहा. मुकाबला इतना कड़ा था कि आखिर में फैसला पर्ची से करना पड़ा. बराबरी के वोट के बाद निकली एक पर्ची ने राजनीतिक तस्वीर बदल दी और ज्योति शर्मा दोबारा चेयरपर्सन की कुर्सी पर बैठ गईं.

8-8 वोटों से बढ़ा सस्पेंस

चुनाव अधिकारी विवेक चौधरी ने बताया कि सभी सदस्य चुनाव में मौजूद थे और मतदान ईवीएम से कराया गया. कुल 16 वैध वोट पड़े. 8 वोट ज्योति शर्मा को मिले और 8 वोट सुदेश रानी के पक्ष में गए.

जैसे ही नतीजा बराबरी पर आया, सदन में सन्नाटा छा गया. किसी को समझ नहीं आ रहा था कि आगे क्या होगा. नियमों के मुताबिक जब वोट बराबर हों तो पर्ची से फैसला किया जाता है. इसलिए राज्य निर्वाचन आयोग की 7 दिसंबर 2022 की गाइडलाइन के अनुसार आगे की प्रक्रिया शुरू की गई.

पर्ची से हुआ अंतिम फैसला

दोनों उम्मीदवारों और सभी पार्षदों की मौजूदगी में पर्चियां डाली गईं. पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की गई. एक निष्पक्ष व्यक्ति ने पर्ची निकाली और उसमें ज्योति शर्मा का नाम आया. इसके बाद उन्हें आधिकारिक रूप से विजेता घोषित कर दिया गया. चुनाव अधिकारी ने कहा कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष रही और सभी पार्षदों ने लिखित रूप में संतोष जताया.

जीत के बाद भावुक हुईं ज्योति शर्मा

जीत के बाद ज्योति शर्मा काफी भावुक नजर आईं. उन्होंने कहा, “मैं इसे अपनी नहीं, परमात्मा की जीत मानती हूं. जो आठ सदस्य हमारे साथ मजबूती से खड़े रहे, यह उनकी भी जीत है. यह पूरे जिला परिषद और सरकार की जीत है.” 

उन्होंने यह भी कहा कि जब मुकाबला बराबरी का हो जाए तो फैसला ऊपरवाले के हाथ में होता है. नतीजे के वक्त स्थिति पूरी तरह अनिश्चित थी, इसलिए भावनाएं भी स्वाभाविक थीं.

गौरतलब है कि ज्योति शर्मा 27 दिसंबर 2022 को भाजपा के समर्थन से चेयरपर्सन बनी थीं. लेकिन 6 मार्च 2024 को विरोध के चलते उन्हें पद छोड़ना पड़ा था. उस समय 17 में से 13 पार्षद उनके खिलाफ हो गए थे.

इसके बाद 14 जून 2024 को काजल देशवाल सर्वसम्मति से चेयरपर्सन बनीं, लेकिन उनका कार्यकाल भी ज्यादा लंबा नहीं चला. अब तीन साल में दूसरी बार ज्योति शर्मा की वापसी ने जिला परिषद की राजनीति को फिर से चर्चा में ला दिया है.

ज्योति शर्मा ने कहा कि अब उनका पूरा ध्यान जिले के विकास पर रहेगा. उन्होंने “सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास” के मंत्र के साथ रुके हुए कामों को आगे बढ़ाने की बात कही.

AZMI DESK

Related Articles

Back to top button
WhatsApp Join Group!