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‘पावर नहीं है तो उठकर चले जाओ’, कैथल SP पर क्यों भड़के मंत्री अनिल विज? पढ़ें पूरा मामला

हरियाणा के कैथल में जिला शिकायत निवारण समिति की बैठक के दौरान मंत्री अनिल विज और एसपी उपासना के बीच तीखी नोकझोंक हो गई. इस नोकझोंक का वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. इस वीडियो में मंत्री अनिल विज और कैथल एसपी उपासना के बीच किसी मुद्दे को लेकर बहस होते देखा जा सकता है

क्या है पूरा मामला?

दरअसल मंत्री अनिल विज कैथल में जिला कष्ट निवारण की बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे थे, इसी दौरान पुलिस के एक एएसआई को सस्पेंशन के मुद्दे पर दोनों में तीखी बहस हो गई. बैठक में लोगों कि समस्याए सुनने पहुंचे मंत्री ने कष्ट निवारण समिति की बैठक में कुल 15 शिकायतों को सुना जिनमें 9 पुरानी और 6 नई शिकायतें शामिल थी. शिकायकर्ता नीतू मौण निवासी कैथल द्वारा अपने भाई के मर्डर के मामले में अपना दुखड़ा रोया तो मंत्री अनिल विज ने कहा कि मेरा नाम अनिल विज है मैं किसी को नहीं छोड़ता. मंत्री ने कहा कि आपकी बात ठीक है, लेकिन पुलिस को भी सिस्टम से चलना पड़ता है. मैंने आपका केस सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया है.

वहीं संदीप मलिक निवासी तितरम की जमीन खरीद मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने एक एसआई संदीप पर जमीन बिक्री में धोखाधड़ी के आरोप लगाए. मंत्री ने सुनवाई के दौरान कुरूक्षेत्र में तैनात एसआई संदीप को सस्पेंड करने के लिए एसपी को निर्देश दिए, इसके बाद पुलिस अधीक्षक उपासना और मंत्री अनिल विज के बीच इस बात को लेकर बहस हो गई कि वो पुलिस कर्मचारी को सस्पेंड नहीं कर सकते क्योंकि वे अन्य जिले में तैनात है. 

लेकिन अनिल विज एसपी की बात पर सहमत नहीं हुए और दोनों के बीच तिखी बहस शुरू हो गई. मंत्री अनिल विज ने पुलिस अधीक्षक को कहा कि अगर आपके पास पॉवर नहीं है तो आप बैठक से उठकर चले जाओ. 

इसके बाद अनिल विज ने पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए कि अनिल विज की कष्ट निवारण समिति की बैठक को हवाला देकर एसआई को सस्पेंड करने के लिए डीजीपी को पत्र लिखें. इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने सहमति जताई. वही शिकायकर्ता कृष्ण कौशिक की खेत में बिजली ट्रांसफार्मर शिफटिंग मामले में जेई द्वारा पैसे मांगने व ट्रांसफार्मर शिफ्ट न करने की शिकायत पर बिजली मंत्री अनिल विज ने जेई पर विजिलेंस में भ्रषचार अधिनियम में केस दर्ज करने के निर्देश दिए. 

इसके बाद पत्रकाररों से बात करते हुए उर्जा मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस पार्टी टुकड़ों में बंटी हुई पार्टी है. यदा कदा कांग्रेस टूकड़ों को जोडऩे की कोशिश करते रहते हैं. लेकिन वो फिर टूट जाती है. वही पुलिस अधीक्षक के साथ हुई बहस पर अनिल विज ने कहा कि मैं हूं या कोई अधिकारी हैं हम सब जनता के लिए काम करते हैं। हम चाहते हैं कि जनता को इंसाफ मिले और उसी के लिए हम हैं.

बैठक में विज ने जांच लंबित रहने तक संबंधित एएसआई को निलंबित करने का निर्देश दिया. उन्होंने एसपी उपासना से कहा कि अधिकारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए. इस पर एसपी ने अधिकार क्षेत्र का हवाला देते हुए आपत्ति जताई.

अधिकार क्षेत्र पर टकराव!

एसपी उपासना, जो भारतीय पुलिस सेवा की अधिकारी हैं, ने स्पष्ट किया कि संबंधित एएसआई पड़ोसी जिले से जुड़ा है. इसलिए उसे निलंबित करने का अधिकार उनके पास नहीं है. उन्होंने बताया कि यह अधिकार कुरुक्षेत्र के एसपी या हरियाणा के डीजीपी के पास है. 

कैसे सुलझा विवाद?

बहस के दौरान मंत्री ने एसपी से कहा कि यदि उनके पास निर्देश लागू करने का अधिकार नहीं है तो वह जा सकती हैं. हालांकि बाद में दोनों पक्षों के बीच प्रक्रिया को लेकर सहमति बनी. मामला नियमों की जानकारी और अधिकार क्षेत्र की व्याख्या से जुड़ा बताया गया. अंततः स्पष्ट किया गया कि कार्रवाई नियमानुसार ही की जाएगी. शुरुआती तीखी बहस के बावजूद इसे गलतफहमी का परिणाम माना गया. अब संबंधित मामले में प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की बात कही गई है.

AZMI DESK

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