Azamgarh news:फर्जी निवास प्रमाण पत्र के आधार पर आंगनवाड़ी नियुक्ति का आरोप, जिलाधिकारी से निरस्तीकरण की मांग


आजमगढ़।जनपद के ग्राम सभा बक्सपुर (बागपुर) में वर्ष 2006 में हुई आंगनवाड़ी कार्यकत्री की नियुक्ति को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। प्रार्थी द्वारा जिलाधिकारी आजमगढ़ को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि स्नेह कुमारी पुत्री केदार राम ने तथ्यों को छिपाकर और स्वयं को अविवाहित दर्शाकर फर्जी तरीके से निवास प्रमाण पत्र प्राप्त किया तथा उसी के आधार पर आंगनवाड़ी कार्यकत्री के पद पर नियुक्ति हासिल कर ली।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, 12 जनवरी 2006 को आंगनवाड़ी कार्यकत्री पद हेतु विज्ञप्ति प्रकाशित हुई थी। आरोप है कि स्नेह कुमारी ने तत्कालीन तहसील लालगंज से 21 दिसंबर 2005 को क्रमांक 4301/एसटी के तहत निवास प्रमाण पत्र जारी कराया, जबकि उस समय उनका विवाह धर्मराज पुत्र घमण्डी निवासी ग्राम देवकली, तहसील केराकत, जनपद जौनपुर से हो चुका था।शिकायतकर्ता ने साक्ष्य के रूप में ग्राम देवकली (जौनपुर) के परिवार रजिस्टर की नकल (दिनांक 16.09.2006) प्रस्तुत की है, जिसमें स्नेहलता पत्नी धर्मराज का नाम दर्ज बताया गया है। साथ ही उपजिलाधिकारी केराकत, जौनपुर द्वारा 12.11.2016 को जारी निवास प्रमाण पत्र का भी उल्लेख किया गया है। इसके अतिरिक्त ग्राम बागपुर (आजमगढ़) के परिवार रजिस्टर से 17.12.2019 को विवाह/स्थानांतरण के आधार पर नाम काटे जाने की जानकारी दी गई है।प्रकरण में तत्कालीन तहसीलदार लालगंज की जांच आख्या (30 नवंबर 2006) में आय प्रमाण पत्र को फर्जी बताया गया था। इसके बाद बाल विकास परियोजना अधिकारी, ठेकमा द्वारा 19 दिसंबर 2006 को आय प्रमाण पत्र असत्य पाए जाने पर नियुक्ति निरस्त करने का आदेश भी जारी किया गया था। हालांकि, आरोप है कि निवास प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति अब भी जारी है।शिकायतकर्ता का कहना है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्राप्त नियुक्ति को संवैधानिक संरक्षण नहीं दिया जा सकता। इस संबंध में निवास प्रमाण पत्र निरस्तीकरण हेतु 16 अगस्त 2024 को उपजिलाधिकारी मार्टिनगंज के माध्यम से अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) को पत्र भेजा गया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है और पत्रावली लंबित है।प्रार्थी ने जिलाधिकारी से निवेदन किया है कि निवास प्रमाण पत्र क्रमांक 4301/एसटी दिनांक 21.12.2005 को निरस्त कर संबंधित निरस्तीकरण आदेश जिला कार्यक्रम अधिकारी, आजमगढ़ को प्रेषित किया जाए, ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके



