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Union Budget 2026: देश के किन शहरों में पहले से हैं इकोनॉमिक जोन, बजट में अब किन शहरों को डिवेलप करने का प्लान?

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया. अपने बजट भाषण की शुरुआत उन्होंने संत रविदास को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की. यह बजट ऐसे समय में पेश किया गया है जब सरकार अपने कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे कर चुकी है और भारत वैश्विक स्तर पर एक तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है. वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत की आर्थिक यात्रा स्थिरता, वित्तीय अनुशासन, निरंतर विकास और नियंत्रित महंगाई से परिभाषित रही है. उनके अनुसार यह उपलब्धि कठिन वैश्विक परिस्थितियों और अनिश्चितताओं के बावजूद सरकार की तरफ से लिए गए सोच-समझकर किए गए फैसलों का परिणाम है.

वित्त मंत्री ने बताया कि हाल के वर्षों में 350 से अधिक सुधार लागू किए गए हैं और केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ मिलकर डि-रेगुलेशन पर काम कर रही है. उन्होंने आर्थिक विकास को गति देने के लिए छह क्षेत्रों में बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव रखा, जिनमें रणनीतिक क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार, पुराने औद्योगिक क्षेत्रों का पुनरुद्धार, मजबूत MSMI तैयार करना, इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देना, दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करना और सिटी इकोनॉमिक रीजन का विकास शामिल है. उन्होंने India Semiconductor Mission 2.0 शुरू करने की घोषणा की और कहा कि इसके तहत इंडस्ट्री-नेतृत्व वाले रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर्स पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि कुशल तकनीकी कार्यबल तैयार किया जा सके.

बायोफार्मा और केमिकल सेक्टर को बढ़ावा

भारत को वैश्विक बायो-फार्मा हब बनाने के लिए वित्त मंत्री ने ‘Biopharma Shakti’ योजना का प्रस्ताव रखा. इसके तहत अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. इसके साथ ही खनिज समृद्ध राज्यों तमिलनाडु, केरल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में रेयर अर्थ कॉरिडोर विकसित करने की बात कही गई, जो Special Economic Zones में तब्दील हो जाएंगे. इसके अलावा उन्होंने राज्यों को तीन समर्पित केमिकल पार्क स्थापित करने में सहायता देने के लिए एक नई योजना शुरू करने का भी प्रस्ताव रखा है.

भारत में कहां है  Special Economic Zones?

भारत में आर्थिक विकास, निर्यात बढ़ाने और विदेशी निवेश को आकर्षित करने में Special Economic Zones यानी SEZ की अहम भूमिका रही है. देश के कई बड़े और उभरते शहरों में ये इकोनॉमिक जोन स्थापित किए गए हैं, जहां उद्योगों को विशेष सुविधाएं, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और नीतिगत सहूलियतें मिलती हैं. इन जोनों का उद्देश्य भारत को वैश्विक निवेश और मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में मजबूत करना है. इन  Special Economic Zones में गुजरात,महाराष्ट्र,  तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक, नोएडा और रायपुर शामिल है.

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AZMI DESK

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