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दिल्ली: पैदल चलने वालों की सुरक्षा को लेकर रेखा गुप्ता सरकार का बड़ा फैसला, इन इलाकों में बनेंगे फुट ओवर ब्रिज

राजधानी दिल्ली में रोजाना सड़क पार करते समय होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने और पैदल यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दिल्ली सरकार ने एक अहम कदम उठाया है. लोक निर्माण विभाग (PWD) ने शहर के कई व्यस्त और हादसा-प्रवण इलाकों में नए फुट ओवर ब्रिज (FOB) बनाने की मंजूरी दे दी है. इससे लाखों लोगों को सड़क पार करने में सहूलियत मिलेगी और ट्रैफिक व्यवस्था भी पहले से बेहतर होगी. 

दिल्ली सरकार का कहना है कि जैसे-जैसे शहर की आबादी और गाड़ियों की संख्या बढ़ रही है, वैसे-वैसे सुरक्षित पैदल ढांचे की ज़रूरत भी बढ़ गई है. स्कूल जाने वाले बच्चे, बुज़ुर्ग, महिलाएं, दफ्तर जाने वाले कर्मचारी और रोजमर्रा के काम से निकलने वाले लोग सबसे ज्यादा जोखिम में रहते हैं.  इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए PWD ने ट्रैफिक अध्ययन और जमीनी निरीक्षण के बाद इन जगहों का चयन किया है.

किन-किन इलाकों में बनाए जाएंगे फुट ओवर ब्रिज?

जिन प्रमुख इलाकों में फुट ओवर ब्रिज बनाए जाएंगे, उनमें मधुबन चौक (विकास मार्ग-पटपड़गंज रोड), वेलकम कट (जीटी रोड), शाहबाद डेयरी (बादली-बवाना रोड), बेर सराय मार्केट, कटवारिया सराय, ओखला सब्ज़ी मंडी, जनकपुरी जीवन पार्क बस स्टैंड के पास और माता चानन देवी अस्पताल के नज़दीक लाल सिंह चौक शामिल हैं. ये सभी ऐसे इलाके हैं जहां ट्रैफिक ज़्यादा रहता है और पैदल चलने वालों को सड़क पार करने में काफी दिक्कत होती है. 

PWD मंत्री प्रवेश वर्मा क्या बोले?

PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने कहा, ”सरकार का मकसद साफ है कोई भी नागरिक सड़क पार करते समय अपनी जान जोखिम में न डाले.  फरवरी 2026 से इन फुट ओवर ब्रिजों का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा और इसके लिए साफ समय-सीमा तय की गई है. अब काम में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि बिजली, पानी और अन्य सुविधाओं की शिफ्टिंग जैसे काम साथ-साथ पूरे किए जाएं, ताकि निर्माण में रुकावट न आए.” 

भीड़ वाले इलाकों में फुट ओवर ब्रिज सुरक्षित समाधान!

गौरतलब है कि इससे पहले भी दिल्ली सरकार ने सड़कों पर ज़ेब्रा क्रॉसिंग, सिग्नल, स्पीड ब्रेकर और अंडरपास जैसे उपाय किए हैं. लेकिन तेज़ रफ्तार ट्रैफिक और भारी भीड़ वाले इलाकों में फुट ओवर ब्रिज सबसे सुरक्षित समाधान माने जाते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, जहां फुट ओवर ब्रिज बने होते हैं, वहां सड़क हादसों में बड़ी कमी देखी जाती है.

आम लोगों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता

दिल्ली सरकार की यह पहल यह दिखाती है कि विकास केवल सड़कें और इमारतें बनाना नहीं है, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देना भी उतना ही ज़रूरी है. आने वाले समय में इन फुट ओवर ब्रिजों के बन जाने से राजधानी के लोगों को सुरक्षित, आसान और तनाव-मुक्त आवागमन का भरोसा मिलेगा. 

AZMI DESK

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