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ED की बड़ी कार्रवाई, RCOM के पूर्व डायरेक्टर गिरफ्तार, कैसे किया था 40 हजार करोड़ का घोटाला?

ED की स्पेशल टास्क फोर्स ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCOM) के पूर्व डायरेक्टर पुनीत गर्ग को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया है. ये गिरफ्तारी 29 जनवरी 2026 को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत की गई. मामला RCOM और उससे जुड़ी कंपनियों द्वारा करीब 40 हजार करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है.

ED की ये जांच CBI द्वारा दर्ज एक FIR के आधार पर शुरू हुई थी. CBI ने अगस्त 2025 में RCOM से जुड़े बैंक फ्रॉड को लेकर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के आरोपों में केस दर्ज किया था. इसके बाद ED ने मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच तेज की.

RCOM में ऊंचे पद पर रहे हैं पुनीत गर्ग

जांच में सामने आया है कि पुनीत गर्ग लंबे समय तक RCOM में ऊंचे पदों पर रहे. उन्होंने 2006 से 2013 तक कंपनी के ग्लोबल एंटरप्राइज बिजनेस को संभाला, फिर 2014 से 2017 तक रेगुलेटरी अफेयर्स के प्रेसिडेंट रहे. अक्टूबर 2017 में उन्हें RCOM का एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनाया गया और अप्रैल 2019 से अप्रैल 2025 तक वे नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रहे.

ED का आरोप है कि 2001 से 2025 के बीच अलग-अलग पदों पर रहते हुए पुनीत गर्ग बैंक फ्रॉड से पैदा हुई अवैध कमाई को छुपाने, घुमाने और ठिकाने लगाने में सक्रिय रूप से शामिल थे. जांच एजेंसी के मुताबिक, ये पैसा RCOM की कई विदेशी सब्सिडियरी और ऑफशोर कंपनियों के जरिए बाहर भेजा गया.

अमेरिका से जुड़े हैं तार, ईडी का खुलासा

ED की जांच में एक बड़ा खुलासा अमेरिका से जुड़ा है. आरोप है कि इसी अवैध पैसे से न्यूयॉर्क के मैनहैटन में एक लग्जरी कोंडोमिनियम अपार्टमेंट खरीदा गया था. ये प्रॉपर्टी RCOM के कॉरपोरेट इंसॉल्वेंसी प्रोसेस (CIRP) के दौरान पुनीत गर्ग ने कथित तौर पर धोखाधड़ी से बेच दी. इस बिक्री से मिले करीब 8.3 मिलियन अमेरिकी डॉलर को दुबई की एक कंपनी में फर्जी निवेश दिखाकर भारत से बाहर भेजा गया. ED का दावा है कि ये दुबई स्थित कंपनी एक ऐसे व्यक्ति के कंट्रोल में थी, जिसके पाकिस्तान से लिंक बताए जा रहे है. हैरानी की बात ये है कि इस पूरे लेनदेन की जानकारी रेजोल्यूशन प्रोफेशनल को नहीं दी गई.

बैंकों से लिए कर्ज का निजी इस्तेमाल किया

जांच में ये भी सामने आया है कि बैंकों से लिए गए कर्ज का एक हिस्सा पुनीत गर्ग ने निजी खर्चों में इस्तेमाल किया. इसमें उनके बच्चों की विदेश में पढ़ाई से जुड़े खर्च भी शामिल बताए जा रहे है. गिरफ्तारी के बाद पुनीत गर्ग को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट स्थित विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने ED को 9 दिन की कस्टडी रिमांड दी है.

ED का कहना है कि रिमांड के दौरान बाकी बचे पैसों का पता लगाया जाएगा. अन्य लाभार्थियों की पहचान की जाएगी और पूरे मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की परतें खोली जाएंगी. ED ने साफ किया है कि इस मामले में जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते है.

AZMI DESK

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