जनवरी के खत्म होते-होते दिल्ली में फिर होगी बारिश, IMD ने दिया ये बड़ा अपडेट

दिल्लीवालों का एक फिर से बारिश से सामना हो सकता है. मौसम विभाग (IMD) ने राजधानी में फिर से बारिश का संभावना जताई है. दिल्ली में सर्दी अभी भी जारी है. गुरुवार (29 दिसंबर) को राजधानी का अधिकतम तापमान 17.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सीजनल एवरेज से 4.2 डिग्री सेल्सियस कम है. मौसम विभाग की ने अनुमान जताया है कि 31 जनवरी से 2 फरवरी के बीच दिल्ली में फिर से बारिश और गरज के साथ तूफान आ सकता है.
IMD के मुताबिक, शनिवार (29 जनवरी) को कई जगहों पर मध्यम कोहरे और कुछ जगहों पर घने कोहरे से सुबह की शुरुआत हो सकती है. वहीं दोपहर और शाम होते-होते दिल्ली के आसमान पर बादल छाए रह सकते हैं. ये भी संभावना है कि रात के दौरान गरज, बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार में हवा के साथ हल्की बारिश हो.
दिल्ली में कहां कितना रहा तापमान?
अलग-अलग स्टेशन के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में दिन का तापमान सामान्य से कम रहा, जिसमें पालम में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई. सफदरजंग में अधिकतम तापमान 17.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. न्यूनतम तापमान 11.0 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.6 डिग्री अधिक है, लेकिन पिछले दिन के 12.6 डिग्री सेल्सियस से 1.6 डिग्री सेल्सियस कम है. पालम में अधिकतम तापमान 15.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 6.8 डिग्री सेल्सियस कम है. न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.0 डिग्री अधिक है.
लोधी रोड पर अधिकतम तापमान 17.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.2 डिग्री कम था, जबकि न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.4 डिग्री अधिक था. रिज पर अधिकतम तापमान 18.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.5 डिग्री कम था. न्यूनतम तापमान 10.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.1 डिग्री अधिक था. आयानगर में अधिकतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.8 डिग्री कम था. न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.4 डिग्री अधिक था.
31 जनवरी को न्यूनतम तापमान में आएगी गिरावट
राष्ट्रीय राजधानी में भी इस महीने असामान्य रूप से सक्रिय ठंड का दौर देखा गया. मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने एक बयान में कहा कि इस मौसम में पहली बार, 22-24 जनवरी और 26-28 जनवरी के बीच दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के कारण दिल्ली सहित उत्तर-पश्चिम भारत में गरज, तेज हवाओं और ओलावृष्टि के साथ दो प्रमुख वर्षा के दौर आए. 31 जनवरी को न्यूनतम तापमान गिरकर लगभग 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने की उम्मीद है.
2022 के बाद से इस जनवरी में सबसे अधिक बारिश
मौसम विभाग (आईएमडी) ने बताया कि रात के दौरान हल्की बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं चलने की भी संभावना है. मंगलवार को दिल्ली के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और गरज-चमक के कारण वायु गुणवत्ता में अचानक गिरावट आई और यह ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गई. इस बारिश के साथ दिल्ली में जनवरी महीने की कुल बारिश 24 मिमी हो गई है, जो 2022 के बाद से जनवरी की सबसे अधिक बारिश है.
23 जनवरी को 19.8 मिमी बारिश हुई
हाल के वर्षों में जनवरी का सबसे अधिक बारिश वाला दिन 8 जनवरी, 2022 रहा है, जब शहर में 40.6 मिमी बारिश दर्ज की गई थी. इस महीने, दिल्ली में 23 जनवरी को 19.8 मिमी बारिश हुई और मंगलवार को सफदरजंग में 4.2 मिमी बारिश दर्ज की गई. शाम 5:30 बजे तक अन्य स्टेशनों पर भी हल्की बारिश हुई, जिससे जनवरी में कुल बारिश 24 मिमी हो गई, जो 2022 की अत्यधिक बारिश को छोड़कर पिछले चार वर्षों में इस महीने की सबसे अधिक बारिश है.
दिल्ली में एक्यूआई का स्तर क्या रहा?
आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, शुक्रवार को दिल्ली में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा छा सकता है. न्यूनतम और अधिकतम तापमान क्रमशः 10 डिग्री सेल्सियस और 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने बताया कि शाम 4 बजे औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 226 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है.
सीपीसीबी के अनुसार, 0 से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 को ‘मध्यम’, 201 से 300 को ‘खराब’, 301 से 400 को ‘अत्यंत खराब’ और 401 से 500 को ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा जाता है. सीपीसीबी के समीर ऐप के अनुसार, 21 स्टेशन ‘खराब’ श्रेणी में, 16 स्टेशन ‘मध्यम’ श्रेणी में और 2 स्टेशन ‘अत्यंत खराब’ श्रेणी में थे. पूसा में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) सबसे खराब 309 दर्ज किया गया.
निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, दिल्ली के परिवहन क्षेत्र का वायु प्रदूषण में 14.9 प्रतिशत तक योगदान रहा, इसके बाद अंतर-परिधीय उद्योगों का 11.7 प्रतिशत, आवासीय स्रोतों का 3.7 प्रतिशत, निर्माण गतिविधियों का 2.0 प्रतिशत और कचरा जलाने का 1.4 प्रतिशत योगदान रहा. वायु गुणवत्ता चेतावनी प्रणाली के अनुसार, कल से 1 फरवरी तक वायु गुणवत्ता ‘अत्यंत खराब’ श्रेणी में रहने की संभावना है.



