दिल्ली की कोर्ट ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भेजा नोटिस, भड़काऊ भाषण मामले में 27 फरवरी को सुनवाई

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को नोटिस जारी करते हुए उनसे जवाब मांगा है. यह मामला साल 2023 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान एक चुनावी रैली में दिए गए उनके कथित भड़काऊ भाषण से जुड़ा है. कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 फरवरी की तारीख तय की है.
रविंद्र गुप्ता नाम के शख्स ने कोर्ट में दायर की है अर्जी
खरगे के खिलाफ आरोप है कि उन्होंने कर्नाटक में चुनाव प्रचार के दौरान RSS और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणियां की थीं. इसे लेकर रविंद्र गुप्ता ने एक शिकायत दर्ज कराई थी. हालांकि, नवंबर 2024 में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने इस शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था और याचिका को खारिज कर दिया था.
तीस हजारी कोर्ट के इस फैसले से असंतुष्ट होकर याचिकाकर्ता रविंद्र गुप्ता ने राउज एवेन्यू कोर्ट की सेशन कोर्ट में इसे चुनौती दी. याचिकाकर्ता का कहना था कि खड़गे का भाषण न केवल आपत्तिजनक था, बल्कि इससे समाज में नफरत फैलने की आशंका भी थी. इसलिए इस पर कानूनी कार्रवाई जरूरी है.
राउज एवेन्यू कोर्ट ने कहा- सभी पक्षों को सुनना जरूरी
राउज एवेन्यू कोर्ट ने याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई के बाद मल्लिकार्जुन खरगे को नोटिस जारी किया और उनसे अपना पक्ष रखने को कहा है. कोर्ट का कहना है कि मामले में सभी पक्षों को सुनना जरूरी है ताकि यह तय किया जा सके कि क्या वास्तव में कोई आपराधिक मामला बनता है या नहीं.
तीस हजारी कोर्ट ने 16 नवंबर को खारिज की थी याचिका
पिछले साल 16 नवंबर को तीस हजारी कोर्ट ने मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ दायर शिकायत को खारिज कर दिया था. कोर्ट ने शिकायत का संज्ञान लेने से मना करते हुए शिकायत को खारिज कर दिया था. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि खरगे ने अप्रैल 2023 में कर्नाटक के नरेगल में एक चुनावी रैली के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ भाषण दिया था. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी अपमानजनक टिप्पणी की थी. दरअसल, यह मामला दिसंबर 2024 में भी उस समय सामने आया था, जब कोर्ट ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश देने से मना कर दिया था.



