बारामती प्लेन क्रैश में नया एंगल आया सामने, एक्सपर्ट ने जताया शक, आखिरी समय में पायलट को हुआ गलती का एहसास

महाराष्ट्र के पुणे जिले के बारामती में शोकाकुल लोगों ने गुरुवार (29 जनवरी 2026) को अपने प्रिय नेता उपमुख्यमंत्री अजित पवार को अंतिम विदाई दी. अंतिम विदाई के लिए आए लोगों से खचाखच भरे बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में पवार के बेटों पार्थ और जय ने चिता को मुखाग्नि दी. क्रैश हुए प्लेन का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है और फॉरेंसिक के अधिकारी जांच में जुट गए हैं.
बारामती क्रैश में हो सकता है ये एंगल
एक्सपर्ट का मानना है कि बारामती क्रैश में स्थानिक भटकाव (Spatial Disorientation) का एंगल भी हो सकता है. आसान शब्दों में कहें तो ये ऐसी स्थिति होती है जब पायलट अपनी असली पोजिशन, ऊंचाई, दिशा और स्पीड का सही अंदाजा नहीं लग पाता. इस दौरान आंखें कुछ और दिखाती हैं और संतुलन कुछ और महसूस कराता है.
रनवे खोज रहे थे पायलट
बारामती जैसे छोटे एयरस्ट्रिप पर ILS नहीं था, विजिबिलिटी कम बताई जा रही है, रनवे खोजने में पायलट विजुअली फोकस कर रहे थे. इसी दौरान स्पीड और डिसेंट रेट पर ध्यान कम हो गया तो संभव है कि पायलट को लगा हो कि विमान सही रास्ते पर है, जबकि असल में वह रनवे से भटक चुके होते हैं. आखिरी सेकंड में जब असली स्थिति समझ आई तब ‘Oh Shit’ जैसे शब्द निकले- यानी अचानक रियलाइजेशन.
क्या होता है विजुअल इल्यूजन?
इसी को एविएशन भाषा में Spatial Disorientation या विजुअल इल्यूजन (Visual Illusion) कहा जाता है, जहां दिमाग और आंखें गलत सिग्नल देती हैं और पायलट को कुछ सेकंड के लिए स्थिति का गलत अंदाजा हो जाता है. अब ब्लैक बॉक्स डेटा से यही साफ होगा कि डिसेंट प्रोफाइल क्या थी, स्पीड कितनी थी, ग्राउंड प्रॉक्सिमिटी वार्निंग कब आई और क्या पायलट को जमीन की असली ऊंचाई का भ्रम हुआ?
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