‘भेदभाव झेलने वाले पीड़ितों को…’, UGC के नए नियम पर पप्पू यादव का हैरान करने वाला बयान!

यूजीसी के नए नियम को लेकर जारी विरोध के बीच सांसद पप्पू यादव ने एक बार फिर बड़ा बयान दिया है. वे इस बिल के समर्थन में पहले से हैं. बीते बुधवार (28 जनवरी, 2026) को मीडिया से बातचीत में नए नियम का समर्थन किया था. अब आज (गुरुवार, 29 जनवरी, 2026) उन्होंने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट किया है. पप्पू यादव ने साफ कहा है कि किसी से ना भेदभाव होना चाहिए और न ही किसी को झूठे आरोप में फंसाना चाहिए.
‘…वह यूजीसी पर ज्ञान बांट रहे हैं’
अपने पोस्ट में पप्पू यादव ने लिखा है, “जितना लिख लोढ़ा पत्थर हैं वह UGC पर ज्ञान बांट रहे हैं. यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स, शिक्षाविद और भेदभाव झेलने वाले पीड़ितों को तय करने दो UGC कैंपस में समानता कायम करने के लिए क्या करना चाहिए. न किसी से भेदभाव होना चाहिए, न किसी को झूठे आरोप में फंसाना चाहिए!”
जितना लिख लोढ़ा पत्थर हैं
वह UGC पर ज्ञान बांट रहे हैंयूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स, शिक्षाविद और
भेदभाव झेलने वाले पीड़ितों को तय
करने दो UGC कैंपस में समानता
कायम करने के लिए क्या करना चाहिएन किसी से भेदभाव होना चाहिए
न किसी को झूठे आरोप में फंसाना चाहिए!— Pappu Yadav (@pappuyadavjapl) January 29, 2026
यूजीसी के नए नियम को पप्पू यादव ने बताया है नॉर्मल
सांसद पप्पू यादव यूजीसी के नए नियम को नॉर्मल बता रहे हैं. उन्होंने कहा है कि हमारे बच्चे समाज को नहीं तोड़ रहे हैं, जिनकी दुकान नहीं चल रही है वह इस तरह की बातें करके समाज को तोड़ने में लग चुके हैं. सांसद ने बीते बुधवार को अपील की थी कि इस पर विवाद नहीं फैलाया जाए.
राष्ट्रव्यापी हड़ताल का किया गया था ऐलान
बता दें कि यूजीसी के नए नियम के खिलाफ देश भर में प्रदर्शन हो रहा है. बीते बुधवार को पटना में छात्र संगठन ऑल बिहार स्टूडेंट्स यूनियन (एबीएसयू) और सवर्ण एकता मंच ने विरोध करते हुए हंगामा किया था. एक फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का भी ऐलान किया. अब सुप्रीम कोर्ट की ओर से गुरुवार को यूजीसी के नए नियम पर फिलहाल रोक लगा दी गई है. अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी. यानी यह भी लगभग साफ हो गया है कि एक फरवरी को होने वाली हड़ताल अब नहीं होगी.
यह भी पढ़ें- UGC New Rules: ‘विभाजित होंगे तो विनाश होगा’, नए यूजीसी बिल के खिलाफ राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान



