UGC नियमों से दूरी पर बोले करण भूषण सिंह- ‘स्टैंडिंग कमेटी का कोई रोल नहीं था’

यूजीसी के नए नियमों को लेकर जारी विवाद के बीच भाजपा सांसद करण भूषण सिंह का बड़ा बयान सामने आया है. अपने खिलाफ सोशल मीडिया और कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर चल रहे कथित भ्रामक प्रचार पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने साफ स्पष्टीकरण दिया है.
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि संसद की जिस स्टैंडिंग कमेटी का मैं सदस्य हूं, उस कमेटी का इन नियमों के निर्माण में कोई भी योगदान नहीं था.
करण ने पोस्ट के जरिए दिया स्पष्टीकरण
उन्होंने यूजीसी से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए नियमों पर पुनर्विचार करने की मांग की है. पोस्ट में उन्होंने लिखा कि सोशल मीडिया एवं समाचार चैनल के माध्यम से मीडिया के एक धड़े द्वारा यूजीसी के नए नियम को लेकर मेरे विरुद्ध अनेकों प्रकार की भ्रांतियां फैलाई जा रहीं है. उन्होंने कहा कि बिना मेरा पक्ष जाने ऐसा कैंपेन चलाया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है. करण ने कहा कि मेरी भावनाएं हमारे समाज के लोगों के साथ हैं.
यूजीसी से की पुनर्विचार की मांग
साथ ही उन्होंने आगे लिखा कि मेरी मांग है की UGC अपने इस नियम पर पुनः विचार करते हुए जन भावना का सम्मान करे. इसमें आवश्यक सुधार लेकर आए जिससे समाज में जाति आधारित किसी प्रकार की वैमनुष्यता न फैलने पाए. हम अपने शिक्षण संस्थाओं को जातिगत युद्ध का केंद्र बनने नहीं दे सकते हैं. हम सबको साथ लेकर चलना चाहते है.
बृजभूषण शरण सिंह ने भी किया नियमों का विरोध
पूर्व WFI चीफ पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने यूजीसी का विरोध कर अपना बयान सोशल मीडिया पर वायरल किया. बृजभूषण शरण सिंह ने कहा यूजीसी का कानून समाज को बांटने का काम कर रहा है.
उन्होंने कहा कि समाज ऑफिस में बैठकर नहीं चलता. समाज को चलाना है तो गांव आइए. समाज कागजी कानूनों से नहीं चलता. उन्होंने आगे कहा कि गांव में आकर देखिए बिना किसी भेदभाव और जातीय रंग के बच्चे एक साथ खेलते हैं. कोई भी बच्चा किसी की जाति के बारे में नहीं पूछता.



