खेल

इस इंडियन क्रिकेटर को पुलिस ने किया गिरफ्तार, वजह जानकर चौंक जाएंगे, जानिए कौन है

भारतीय क्रिकेट में कई ऐसे खिलाड़ी रहे हैं, जिनका टैलेंट तो बड़ा था, लेकिन करियर विवादों में उलझकर रह गया. ऐसा ही एक नाम है जैकब मार्टिन. मंगलवार को वडोदरा पुलिस ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर जैकब मार्टिन को शराब के नशे में लापरवाही से गाड़ी चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया. इस घटना के बाद एक बार फिर उनका नाम सुर्खियों में आ गया है और लोग जानना चाह रहे हैं कि आखिर जैकब मार्टिन कौन हैं और उनका क्रिकेट सफर कैसा रहा है.

पुलिस के मुताबिक, 27 जनवरी की देर रात करीब ढाई बजे वडोदरा के अकोटा इलाके में पुनि नगर सोसायटी के पास जैकब मार्टिन ने अपनी लग्जरी एसयूवी से तीन खड़ी गाड़ियों को टक्कर मार दी. बताया जा रहा है कि गाड़ी चलाते समय वह नशे की हालत में थे. घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और मेडिकल जांच के बाद उनकी गिरफ्तारी की गई.

सौरव गांगुली की कप्तानी में किया था डेब्यू

जैकब मार्टिन ने जब भारतीय टीम के लिए अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी उस समय सौरव गांगुली कप्तान थे. वह सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा कर चुके हैं. हालांकि, उनका इंटरनेशनल करियर ज्यादा लंबा नहीं रहा. उन्होंने भारत के लिए सिर्फ 10 वनडे मुकाबले खेले, जिनमें उनके नाम 158 रन दर्ज हैं. इसके बाद वह टीम इंडिया में अपनी जगह पक्की नहीं कर पाए.

घरेलू क्रिकेट में था दमदार रिकॉर्ड

इंटरनेशनल स्तर पर सीमित मौके मिलने के बावजूद जैकब मार्टिन का घरेलू क्रिकेट रिकॉर्ड काफी शानदार रहा है. उन्होंने 138 फर्स्ट क्लास मैच खेले और 46 से ज्यादा की औसत से 9,000 से अधिक रन बनाए. उनके नाम 23 शतक और 47 अर्धशतक दर्ज हैं. लिस्ट ए क्रिकेट में भी उन्होंने करीब 3,000 रन बनाए और कई अहम पारियां खेलीं. घरेलू क्रिकेट में वह बड़ौदा टीम के मजबूत स्तंभ माने जाते थे.

पहले भी विवादों में रहा नाम

यह पहली बार नहीं है जब जैकब मार्टिन विवादों में फंसे हों. साल 2009 में उन पर मानव तस्करी से जुड़ा गंभीर आरोप लगा था. आरोप था कि उन्होंने एक व्यक्ति को अवैध तरीके से ब्रिटेन भेजने में मदद की और उसके लिए फर्जी पासपोर्ट बनवाया. इस मामले में वह तिहाड़ जेल भी जा चुके हैं. बाद में जमानत पर बाहर आने के बाद भी उनका नाम चर्चा में बना रहा.

कोच बनने पर भी हुआ था बवाल

2017 में बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन ने उन्हें रणजी टीम का कोच नियुक्त किया था. उस समय भी इस फैसले को लेकर काफी विवाद हुआ था, क्योंकि वह उस केस में जमानत पर थे. इसके बावजूद उन्हें जिम्मेदारी सौंपी गई, जिस पर क्रिकेट जगत में सवाल उठे. 

AZMI DESK

Related Articles

Back to top button
WhatsApp Join Group!