गौरव गोगोई और उनकी पत्नी के ‘पाकिस्तान कनेक्शन’ को लेकर बड़ा दावा, जानें क्या बोले असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा

असम में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं. एक तरफ बीजेपी के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा है, जिनपर कांग्रेस भ्रष्टाचार को लेकर हमलावर है, तो वहीं कांग्रेस गौरव गोगोई के नेतृत्व में चुनाव लड़ने की मंशा जाहिर कर चुकी है. कांग्रेस कमान गोगोई के हाथ में है. ऐसे में राजनीतिक बयानबाजी का दौरा जारी है.
इसी सिलसिले में वहां के मु्ख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने बड़ा बयान दिया है. इसमें उन्होंने कहा है कि राज्य मंत्रिमंडल कांग्रेस नेता गौरव गोगोई के पाकिस्तान से कथित संबंधों पर विशेष जांच दल (SIT) रिपोर्ट के संबंध में कार्रवाई के बारे में 7 फरवरी को औपचारिक फैसला लेगा.
गोगोई और उनकी ब्रिटिश पत्नी के पाकिस्तान से प्रत्यक्ष संबंध: सीएम
सरमा ने यहां कैबिनेट की बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि विवादास्पद मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल की तरफ से प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, गोगोई और उनकी ब्रिटिश पत्नी के पाकिस्तान के साथ प्रत्यक्ष संबंध हैं.
उन्होंने कहा, ‘आज की कैबिनेट बैठक में हमने एसआईटी रिपोर्ट पर अनौपचारिक चर्चा की. एक प्रस्तुति दी गई, जिसके बाद सभी मंत्री सच्चाई जानकर स्तब्ध रह गए. कुछ ने तो यह भी टिप्पणी की कि तरुण गोगोई के पुत्र ऐसे कैसे हो सकते हैं.’
7 फरवरी को तय की जाएगी आगे की कार्रवाई
सरमा ने कहा कि मंत्रिमंडल ने इस विषय पर एक औपचारिक ज्ञापन लाने का फैसला किया है ताकि सात फरवरी को होने वाली अगली बैठक में इस मामले पर आगे की कार्रवाई तय की जा सके.
उन्होंने कहा,’कैबिनेट ने मुख्यमंत्री को प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के लिए अधिकृत किया है ताकि एसआईटी रिपोर्ट के निष्कर्षों से जनता को अवगत कराया जा सके. कुछ गोपनीय और संवेदनशील जानकारी साझा नहीं की जा सकती है, लेकिन अधिकांश तथ्य जनता के सामने प्रस्तुत किए जाएंगे.’
SIT की जांच रिपोर्ट 8 फरवरी को की जाएगी सार्वजनिक
मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईटी की अधिकांश जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने के लिए आठ फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाएगा.
भाजपा और असम के मुख्यमंत्री सरमा लोकसभा सदस्य गोगोई पर उनकी पत्नी के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से कथित संबंधों को लेकर हमलावर हैं. एक विशेष जांच दल ने पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख द्वारा भारत के आंतरिक मामलों में कथित हस्तक्षेप के मामले की जांच की, जिसके बारे में दावा किया गया था कि उसके तार गोगोई की ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न से जुड़े थे.



