HC से EWS छात्रों को बड़ी राहत, यूनिफॉर्म के लिए सीधे खाते में पैसा दे सकेगी दिल्ली सरकार

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और वंचित समूह (DG) के छात्रों के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला आया है. कोर्ट ने दिल्ली सरकार को यह मंजूरी दे दी है कि वह निजी स्कूलों में पढ़ने वाले ईडब्ल्यूएस और डीजी छात्रों को यूनिफॉर्म के लिए सीधे उनके बैंक खातों में पैसा भेज सकती है. अब सरकार को यूनिफॉर्म सामान के रूप में बांटना अनिवार्य नहीं होगा, बल्कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सहायता दी जा सकेगी.
दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की बेंच ने साल 2023 के अपने पुराने आदेश में संशोधन करते हुए यह स्पष्ट किया कि सरकार अपनी तय नीति के अनुसार छात्रों को समय पर और पर्याप्त राशि दे सकती है. कोर्ट ने माना कि नीति में बदलाव व्यावहारिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया गया है और यह कानून के दायरे में है.
2013 की याचिका से जुड़ा है मामला
यह पूरा मामला साल 2013 में एनजीओ ‘जस्टिस फॉर ऑल’ की ओर से दायर की गई याचिका से जुड़ा है. याचिका में शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत ईडब्ल्यूएस और डीजी छात्रों को मुफ्त किताबें, यूनिफॉर्म और पढ़ाई का जरूरी सामान उपलब्ध कराने की मांग की गई थी. इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पहले यूनिफॉर्म सीधे उपलब्ध कराने की बात कही थी, लेकिन अब उसमें बदलाव किया गया है.
सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार ने कोर्ट को बताया कि यूनिफॉर्म सीधे बांटना बेहद जटिल काम है. हर छात्र का नाप लेना, अलग-अलग स्कूलों के हिसाब से कपड़े तैयार कराना, सिलाई करवाना और फिर समय पर स्कूलों तक पहुंचाना लगभग असंभव हो जाता है. कई बार इन कारणों से यूनिफॉर्म समय पर नहीं पहुंच पाती, जिससे छात्रों को परेशानी होती है.
सीधे पैसा देने से होगा फायदा
कोर्ट ने सरकार की इस दलील को सही माना और कहा कि सीधे खाते में पैसा देने से छात्र और उनके अभिभावक समय पर यूनिफॉर्म खरीद सकेंगे. इससे न सिर्फ देरी की समस्या खत्म होगी, बल्कि छात्रों की गरिमा और सुविधा भी बनी रहेगी.
दिल्ली हाई कोर्ट ने यह भी साफ किया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम और 2011 के नियमों में यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने की बात तो कही गई है, लेकिन यह कहीं नहीं लिखा कि यूनिफॉर्म सिर्फ सामान के रूप में ही दी जाए. इसलिए याचिकाकर्ताओं की यह मांग स्वीकार नहीं की जा सकती.
अंत में कोर्ट ने निर्देश दिया कि 10 जून 2025 की नीति के तहत दिल्ली सरकार जल्द से जल्द और समय पर ईडब्ल्यूएस और डीजी छात्रों को यूनिफॉर्म के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध कराए, ताकि किसी भी छात्र की पढ़ाई पर असर न पड़े.



