Punjab: 11 साल बाद ‘ग्रामीण ओलंपिक’ में लौटेगी बैलगाड़ी दौड़, 2014 में SC ने लगा दी थी रोक

Punjab News: पंजाब के लुधियाना जिले में स्थित किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक में एक बार फिर बैलगाड़ी दौड़ की वापसी होने जा रही है. अगर खेल शुरू होने तक कोई कानूनी अड़चन सामने नहीं आती है तो यह ऐतिहासिक और पारंपरिक खेल पूरे 11 साल बाद दोबारा देखने को मिलेगा. इस फैसले से ग्रामीण खेल प्रेमियों में खासा उत्साह है.
किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक का आयोजन 30 जनवरी से 1 फरवरी तक किया जाएगा. जिला प्रशासन और आयोजकों ने तैयारियां तेज कर दी हैं. लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन इस विषय में आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी जानकारी साझा करेंगे. प्रशासन का कहना है कि सभी नियमों और शर्तों का सख्ती से पालन किया जाएगा.
2014 में लगी थी रोक
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद साल 2014 में किला रायपुर खेलों में बैलगाड़ी दौड़ पर रोक लगा दी गई थी. इसके बाद यह खेल कई सालों तक आयोजित नहीं हो सका. हालांकि, पंजाब सरकार ने 11 जुलाई को विधानसभा में एक बिल पास कर बैलगाड़ी दौड़ को फिर से शुरू करने का रास्ता साफ कर दिया. सरकार के इस फैसले से पारंपरिक खेलों को नया जीवन मिलने की उम्मीद जगी है.
बैलगाड़ी दौड़ किला रायपुर खेलों का सबसे बड़ा आकर्षण रही है. जब इस पर प्रतिबंध लगा था, तब खेलों की रौनक काफी हद तक कम हो गई थी. देश और विदेश से आने वाले दर्शकों की संख्या भी घट गई थी. अब बैलगाड़ी दौड़ की वापसी से एक बार फिर खेलों में जान आने की उम्मीद है.
इन शर्तों पर होगी बैलगाड़ी दौड़
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दौड़ से पहले सभी बैलों की पशु चिकित्सा जांच की जाएगी. दौड़ के दौरान और बाद में भी डॉक्टरों की टीम मौजूद रहेगी. किसी भी तरह की क्रूरता, मारपीट या नुकीले औजारों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक रहेगी. खराब मौसम या ज्यादा गर्मी में दौड़ नहीं कराई जाएगी. सभी बैलों और प्रतिभागियों का पंजीकरण जरूरी होगा. नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.



