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भारत के पास ऐसा आसमानी रक्षक, जिसके एक इशारे पर दुश्मन की तबाही पक्की, कांपने लगते अमेरिकी F-35 लड़ाकू विमान

भारत के पास AWACS सिस्टम की ताकत बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम चल रहा है. आधुनिक युद्ध में ये सिस्टम फाइटर जेट्स जैसे राफेल, सुखोई-30MKI और F-35 के लिए किसी बाप की तरह काम करते हैं, क्योंकि ये आसमान की पूरी निगरानी करते हैं और लड़ाकू विमानों को रियल टाइम निर्देश देते हैं.

AWACS क्या है?

AWACS का पूरा नाम एयरबोर्न वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम है. इसे आसमान में एयरफोर्स की ‘आंख’ कहा जाता है. यह बड़े विमानों पर लगे ताकतवर रडार से दुश्मन के विमान, मिसाइल और अन्य खतरे को बहुत दूर से पकड़ता है. यह जानकारी रियल टाइम में फाइटर जेट्स, ग्राउंड स्टेशन और अन्य यूनिट्स को भेजता है. ग्राउंड रडार जो नहीं देख पाते, AWACS वो देख लेता है. बिना इसके आज की जंग लड़ना मुश्किल है.

भारत के पास कितने AWACS हैं?

फिलहाल भारतीय वायुसेना के पास कुल 6 AWACS सिस्टम हैं. इनमें से:

  • 3 Phalcon AWACS: ये इजरायल का EL/W-2090 सिस्टम है, जो रूस के IL-76 विमान पर लगा है. यह 360 डिग्री कवरेज देता है और 400 किलोमीटर से ज्यादा रेंज वाला है. हर दिशा में नजर रखता है.
  • 3 Netra Mk-1 AWACS: ये पूरी तरह स्वदेशी हैं, जो DRDO ने बनाए हैं. ब्राजील के एंब्रायर ERJ-145 विमान पर तैनात हैं. ये 240 डिग्री कवरेज देते हैं और रेंज 250 से 375 किमी के बीच है.

एक एडवांस AWACS बनाने में 600 से 700 मिलियन डॉलर (करीब 5,000 से 6,000 करोड़ रुपये) का खर्च आता है. ये बहुत महंगे और अहम सिस्टम हैं.

भारत आगे क्या प्लान कर रहा है?

भारत अपनी AWACS ताकत को तेजी से बढ़ा रहा है:

  • Netra Mk-1A: 6 और यूनिट का प्रस्ताव है. ये Mk-1 का अपग्रेडेड वर्जन होगा, जिसमें GaN आधारित AESA रडार और बेहतर इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम होंगे. मार्च 2025 में इसकी मंजूरी मिल चुकी है.
  • Netra Mk-2: 6 यूनिट का प्रोजेक्ट जुलाई 2025 में मंजूर हुआ. लागत करीब 20,000 करोड़ रुपये. ये Airbus A321 विमान पर होंगे, जिसमें नोज और डोरसल एंटीना से 300-360 डिग्री कवरेज और 400-500 किमी रेंज होगी. डिलीवरी 2026-27 से शुरू हो सकती है.

भविष्य में Mk-3 जैसे नेक्स्ट जेनरेशन AWACS की योजना है, जो Airbus A330 पर आधारित हो सकता है. ये और ज्यादा रेंज और 360 डिग्री कवरेज देंगे. ये सभी सिस्टम इंटीग्रेटेड एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम (IACCS) से जुड़ेंगे, जिससे फाइटर जेट्स, ड्रोन और मिसाइल बैटरी तक रियल टाइम डेटा शेयर होगा.

AWACS कितने देशों के पास मौजूद है?
 
अमेरिका के पास E-3 Sentry, रूस के पास A-50, फ्रांस-जापान के पास E-2 Hawkeye जैसे सिस्टम हैं. चीन के पास 60 के करीब AWACS बताए जाते हैं, जबकि पाकिस्तान के पास चीन की मदद से 12 तक हैं. भारत इनकी तुलना में संख्या बढ़ाने पर जोर दे रहा है ताकि सीमाओं पर बेहतर निगरानी हो सके.

AZMI DESK

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