राज्य

साउथ दिल्ली में लगने वाला जाम अब होगा आधा, MB रोड पर बनेगा 6 लेन एलिवेटेड कॉरिडोर

दक्षिण दिल्ली में रोज लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम से जूझ रहे लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है. दिल्ली सरकार की वित्त व्यय समिति ने ट्रैफिक के लिहाज से बेहद अहम दो बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है.

इनमें एमबी रोड पर साकेत जी-ब्लॉक से पुल प्रहलादपुर तक 6 लेन का एकीकृत एलिवेटेड रोड और दो अंडरपास का निर्माण शामिल है. इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 1471.14 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसे दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक

दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में वित्त व्यय समिति की बैठक हुई. बैठक में परियोजना की तकनीकी, वित्तीय और संरचनात्मक रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा के बाद इसे मंजूरी दी गई.

सरकार का कहना है कि यह प्रोजेक्ट दक्षिण दिल्ली के ट्रैफिक नेटवर्क को ज्यादा सुव्यवस्थित और आसान बनाएगा. करीब 5 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर से इलाके में ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम होगा.

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना में किया जा रहा निवेश दक्षिण दिल्ली की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार लाएगा. एमबी रोड पर लगने वाले घंटों लंबे जाम से लोगों को राहत मिलेगी, वाहनों की औसत रफ्तार बढ़ेगी और रोज सफर करने वाले लाखों लोगों का समय बचेगा. खासतौर पर दफ्तर जाने वालों, स्कूल बसों और एंबुलेंस जैसी जरूरी सेवाओं को इसका सीधा फायदा मिलेगा.

डबल डेकर सिस्टम में बनेगा एलिवेटेड रोड

इस परियोजना को DMRC द्वारा विकसित किया जाएगा. एलिवेटेड कॉरिडोर का डिजाइन ऐसा होगा जिसमें सड़क और मेट्रो, दोनों बुनियादी ढांचों का बेहतर तालमेल रहेगा. यह एक डबल डेकर सिस्टम होगा, जिसमें ऊपर मेट्रो ट्रेन चलेगी और नीचे 6 लेन का एलिवेटेड रोड बनेगा. इससे कम जगह में ज्यादा ट्रैफिक संभालने में मदद मिलेगी.

साकेत और बीआरटी कॉरिडोर पर बनेंगे अंडरपास

परियोजना के तहत दो अंडरपास भी बनाए जाएंगे. एक साकेत जी-ब्लॉक पर और दूसरा बीआरटी कॉरिडोर पर होगा. इससे साकेत जी-ब्लॉक, आंबेडकर नगर, खानपुर और संगम विहार जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में ट्रैफिक की रफ्तार बढ़ेगी और चौराहों पर लगने वाले जाम में कमी आएगी.

इसके अलावा संगम विहार से मां आनंदमयी मार्ग तक करीब ढाई किलोमीटर लंबे 6 लेन के एलिवेटेड रोड को भी सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है. यह प्रस्ताव केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय को भेजा जा रहा है, क्योंकि यह इलाका तुगलकाबाद किला के अंतर्गत आता है. मंजूरी मिलने के बाद इस हिस्से में भी ट्रैफिक सुधार की दिशा में बड़ा काम शुरू हो सकेगा.

AZMI DESK

Related Articles

Back to top button
WhatsApp Join Group!