फूलपुर-पवई के पूर्व विधायक अबुल कलाम का 92 वर्ष की उम्र में निधन. क्षेत्र में शोक की लहर. शिक्षा और जनसेवा के लिए हमेशा याद किए जाएंगे

0
FB_IMG_1785605839885

आजमगढ़।

फूलपुर-पवई विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता अबुल कलाम का शनिवार को 92 वर्ष की आयु में लखनऊ में निधन हो गया। वह लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और उपचाराधीन थे। उनके निधन की खबर मिलते ही आजमगढ़ सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक, सामाजिक और शैक्षिक जगत से जुड़े लोगों ने उनके निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

पूर्व विधायक अबुल कलाम जनपद आजमगढ़ के फूलपुर तहसील क्षेत्र के निजामपुर गांव के निवासी थे। वर्ष 1980 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर फूलपुर-पवई विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे और क्षेत्र के विकास तथा जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाया। विधायक रहते हुए उन्होंने सड़क, शिक्षा और जनहित से जुड़े अनेक मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई।

राजनीति के साथ साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने माहुल स्थित अशरफिया इंटर कॉलेज तथा अशरफिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रबंधक के रूप में लंबे समय तक कार्य करते हुए शिक्षा के विस्तार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला।

अबुल कलाम अपने सादगीपूर्ण जीवन, मिलनसार व्यक्तित्व और जनसेवा की भावना के लिए पूरे क्षेत्र में सम्मानित थे। राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर उन्होंने हमेशा समाज के हर वर्ग के लोगों के साथ आत्मीय संबंध बनाए रखा। यही कारण रहा कि उनके निधन की सूचना मिलते ही विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों और क्षेत्रवासियों ने गहरा शोक व्यक्त किया।

परिजनों के अनुसार उनका पार्थिव शरीर शनिवार देर शाम लगभग 7 बजे उनके पैतृक गांव निजामपुर लाया जाएगा, जहां अंतिम दर्शन के बाद धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है।

पूर्व विधायक अपने पीछे चार पुत्र मो. असहद, मो. अजहर, मो. अतहर तथा स्वर्गीय मो. अहसन की स्मृतियों के साथ चार पुत्रियों सहित भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं।

अबुल कलाम का निधन आजमगढ़ की राजनीति और शिक्षा जगत के एक ऐसे अध्याय का अंत है, जिसने दशकों तक जनसेवा, शिक्षा और सामाजिक सद्भाव को अपनी पहचान बनाया। क्षेत्र के लोग उन्हें एक संवेदनशील जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद और समाजसेवी के रूप में हमेशा याद रखेंगे।

Azmi India News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *