आजमगढ़: फूलपुर के 16 साल पुराने हत्या के प्रयास के मामले में 4 दोषियों को 7-7 साल की सजा
आजमगढ़। जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत आजमगढ़ पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। थाना फूलपुर में वर्ष 2009 में दर्ज हत्या के प्रयास के मामले में न्यायालय ने चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को 7-7 वर्ष के कठोर कारावास तथा 14-14 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला पुलिस की गुणवत्तापूर्ण विवेचना और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी का परिणाम माना जा रहा है।
शुक्रवार (1 अगस्त 2026) को अपर सत्र न्यायाधीश (एंटी करप्शन), आजमगढ़ की अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करते हुए चारों अभियुक्तों को भारतीय दंड संहिता (भादवि) की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 323 (मारपीट), 504 (जानबूझकर अपमान) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत दोषी ठहराया। न्यायालय ने प्रत्येक दोषी को 7 वर्ष के कठोर कारावास और 14 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया।
जमीन के विवाद ने लिया था हिंसक रूप
मामले के अनुसार, 5 जुलाई 2009 को थाना फूलपुर क्षेत्र के छगनपुर गांव में आबादी की जमीन को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि इसी विवाद के दौरान आरोपियों ने वादी रामदेव पुत्र स्वर्गीय राजकुमार और उनके भतीजे अरविंद प्रजापति के साथ गाली-गलौज की, मारपीट की और उन पर जानलेवा हमला किया। घटना के दौरान दोनों को जान से मारने की धमकी भी दी गई थी।
पीड़ित रामदेव ने 6 जुलाई 2009 को थाना फूलपुर में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 571/2009 दर्ज कर विवेचना शुरू की और साक्ष्य जुटाने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
करीब 16 वर्षों तक चली न्यायिक प्रक्रिया के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में 10 गवाहों को पेश किया। साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने चारों आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। इस फैसले को लंबे समय से लंबित मामले में पीड़ित पक्ष के लिए न्याय मिलने के रूप में देखा जा रहा है।
न्यायालय द्वारा दोषी ठहराए गए अभियुक्त हैं—
- हरिवंश यादव पुत्र स्व. तेज बहादुर यादव, निवासी भाटिनपार
- हंसराज यादव पुत्र स्व. तेज बहादुर यादव, निवासी भाटिनपार
- छाजी सोनकर पुत्र भग्गी सोनकर, निवासी भाटिनपार
- हरेन्द्र यादव पुत्र चन्द्रभान यादव, निवासी छगनपुर
चारों आरोपी थाना फूलपुर क्षेत्र के निवासी हैं।
ऑपरेशन कनविक्शन का असर
आजमगढ़ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में संचालित “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत पुराने लंबित मामलों की लगातार समीक्षा की जा रही है। पुलिस की मॉनिटरिंग सेल, विवेचना अधिकारियों और अभियोजन विभाग के समन्वय से ऐसे मामलों में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि दोषियों को समयबद्ध तरीके से सजा दिलाई जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल लंबित मुकदमों का निस्तारण कराना नहीं, बल्कि अपराधियों को सजा दिलाकर कानून का राज स्थापित करना और आम लोगों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास मजबूत करना है। फूलपुर के इस 16 साल पुराने मामले में आया फैसला इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।