SIR में नाम कटा, सत्यापन में देरी और फिर लिस्ट में जुड़ा नाम… 104 साल के मतदाता को बंगाल चुनाव में मिला VIP ट्रीटमेंट

- 104 वर्षीय एसके इब्राहिम ने लोकतंत्र में वोट डाला।
- वोटर सूची में नाम की गड़बड़ी के बाद भी मतदान।
- चुनाव आयोग ने इब्राहिम को दी वीआईपी सुविधा।
- एसके इब्राहिम ने वोट डालकर खुशी जताई।
West Bengal Assembly Elections 2026: पश्चिम बंगाल में दो चरणों में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान कई तरह की घटनाक्रम देखने को मिले, लेकिन इस बीच एक ऐसी घटना भी सामने आई, जिसने लोकतंत्र और मतदान के प्रति एक मतदाता की जिम्मेदारी को दृढ़ता से मजबूत किया है. दरअसल, हम पश्चिम बंगाल के पूर्वी वर्धमान के रहने वाले एक 104 वर्षीय मतदाता एसके इब्राहिम के बारे में बात कर रहे हैं, जो देश की आजादी के बाद हुए प्रत्येक चुनाव में अपना वोट डाल रहे हैं और उन्होंने 104 साल की उम्र भी बुधवार (29 अप्रैल, 2026) को बंगाल में हुए दूसरे चरण के चुनाव के दौरान अपना वोट डालकर लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई.
हालांकि, 104 वर्षीय मतदाता एसके इब्राहिम के लिए इस बार बंगाल चुनाव में वोट देने का रास्ता आसान नहीं था. दरअसल, चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद 28 फरवरी को प्रकाशित अंतिम वोटर लिस्ट में उनके नाम में विसंगति होने के कारण विचाराधीन रखा था. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि साल 2002 की बंगाल वोटर लिस्ट में उनका नाम एसके इब्राहिम दर्ज था, जबकि 2025 की लिस्ट में उनका नाम इब्राहिम एसके के तौर पर दर्ज था, लेकिन कई दिनों में चिंता, मेहनत और मशक्कत के बाद आखिरकार उनका नाम पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में शामिल कर लिया गया.
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अत्यंत बुजुर्ग मतदाता को चुनाव आयोग से मिला VIP ट्रीटमेंट
वोटर लिस्ट में नाम में विसंगति होने और मामले के निपटारे की प्रक्रिया के दौरान इतना समय बीत गया कि 104 वर्षीय एसके इब्राहिम चुनाव आयोग की तरफ से 85 साल से अधिक उम्र के मतदाताओं को घर से वोट करने की दी जाने वाली सुविधा का लाभ नहीं उठा पाए. वहीं, दूसरी तरफ एसके इब्राहिम लोकतंत्र में वोट डालने की अपनी जिम्मेदारी निभाने की जिद पर अड़े रहे.
उनके इस दृढ़ निश्चय के देखते हुए चुनाव आयोग ने उन्हें वीआईपी ट्रीटमेंट दी और उनके लिए एक गाड़ी और एक व्हीलचेयर मुहैया कराई, ताकि वे बुधवार (29 अप्रैल) को अपने पोलिंग बूथ पर जाकर अपना वोट डाल सके. चुनाव आयोग ने 104 वर्षीय वोटर एसके इब्राहिम को उनके घर से जमालपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली मतदान केंद्र तक पहुंचाने के लिए गाड़ी की व्यवस्था की. इसके बाद व्हीलचेयर पर बिठाकर उन्हें बूथ के भीतर वोट देने के लिए प्रवेश कराया गया. जिसके बाद एसके इब्राहिम ने अपने बेटे शेख बागबुल इस्लाम के साथ जाकर अपना वोट डाला.
वोट डालने के बाद 104 वर्षीय मतदाता ने जताई खुशी
पश्चिम बंगाल के पूर्वी वर्धमान जिले के जमालपुर के रहने वाले 104 वर्षीय एसके इब्राहिम ने विधानसभा चुनाव 2026 में अपना वोट डालकर खुशी जाहिर की. उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा कि वोट डालने का मौका पाकर मुझे बहुत खुशी हो रही है. मुझे समझ नहीं आ रहा कि मेरा नाम अचानक वोटर लिस्ट से क्यों हटा दिया गया, लेकिन मैं एक वैध मतदाता हूं और मेरा जन्म बत्रिशबिघा गांव में हुआ था.’
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