West Bengal Elections 2026: कोलकाता में मछली-भात खाते दिखे अनुराग ठाकुर, ऐसा क्या बोले कि बंगाल की सियासत में मचा बवाल!

- राज्यसभा सांसद हर्षवर्धन श्रृंगला ने मत्स्य उद्योग के विकास पर चिंता जताई।
West Bengal Assembly Elections 2026: पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों के बीच कई मुद्दों को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है. इस घमासान में एक प्रमुख मुद्दा मांसाहारी खाने को लेकर भी है. बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा अगर सत्ता में आई तो मांस, मछली खाने पर रोक लगाएगी. इस बीच भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने मंगलवार (21 अप्रैल, 2026) को कोलकाता में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पारंपरिक मछली-भात खाते हुए एक राजनीतिक संदेश भी दिया. उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि तृणमूल कांग्रेस राज्य में खाने-पीने को लेकर भ्रम और डर फैलाने की कोशिश कर रही है.
ममता बनर्जी सरकार पर अनुराग ठाकुर का हमला
अनुराग ठाकुर ने कहा, ‘हम मांस, मछली और चावल खा रहे हैं. भाजपा के 16 राज्यों में और एनडीए के 20 राज्यों में सरकार है, लेकिन कहीं भी किसी के खान-पान, पूजा या अभिव्यक्ति पर कोई रोक नहीं है.’ उनका आरोप था कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पास 15 साल के शासन का कोई ठोस उपलब्धि नहीं है, इसलिए वह डर, भ्रम और अफवाह की राजनीति कर रही हैं.
#WATCH | Kolkata, West Bengal: BJP MP Anurag Thakur says, “We are eating meat, fish and rice. BJP has its government in 16 states, NDA has its government in 20 states, and there is no restriction anywhere on anyone’s speech, food, or worship… But Mamata Banerjee has no… pic.twitter.com/osZNgKOZyN
— ANI (@ANI) April 21, 2026
उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था और आर्थिक स्थिति पर भी सवाल उठाए. ठाकुर ने कहा, ‘यहां अपराध और भ्रष्टाचार का माहौल है. इसी वजह से निवेश नहीं आ रहा और युवाओं का ब्रेन ड्रेन हो रहा है. लोग राज्य छोड़कर बाहर जा रहे हैं.’ उन्होंने आगामी राजनीतिक बदलाव का संकेत देते हुए कहा कि 4 मई आएगी, टीएमसी जाएगी.
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बंगाल में मत्स्य उद्योग का अपेक्षित विकास नहीं हुआः हर्षवर्धन
वहीं, इस मुद्दे पर राज्यसभा सांसद हर्षवर्धन श्रृंगला ने भी अपनी बात रखी. उन्होंने बंगाल की मछली संस्कृति और उद्योग के बीच अंतर को रेखांकित करते हुए कहा, ‘मुझे हर तरह की मछली पसंद है, चाहे चिंगड़ी, मागुर, पाबदा, रोहू या कतला हो, लेकिन दुख की बात है कि बंगाल, जहां समुद्र, नदियां और तालाब हैं, वहां मत्स्य उद्योग अपेक्षित स्तर पर विकसित नहीं हुआ.’
Kolkata, West Bengal: Rajya Sabha MP Harsh Vardhan Shringla says, “Let me start by talking about myself. My favorite food is fish. And I like all sorts of fish, whether it’s Chingri, whether it’s Magur maach, whether it’s Pabda, whether it is Ruhi, whether it is Katla. So I’m… pic.twitter.com/IqlAaecKfx
— IANS (@ians_india) April 21, 2026
श्रृंगला ने दावा किया कि सिलीगुड़ी में उन्हें जो मछली मिलती है, वह आंध्र प्रदेश, ओडिशा और गुजरात से आती है. उन्होंने कहा, ‘मैंने पूछा कि बंगाल की मछली कहां है? तो जवाब मिला यहां की मछली तो है ही नहीं. क्योंकि टीएमसी ने मत्स्य पालन में निवेश नहीं किया और किसानों की अनदेखी की.’
कोलकाता में मछली-भात की यह तस्वीर सिर्फ एक सांस्कृतिक संकेत नहीं रही, बल्कि चुनावी बयानबाजी का हिस्सा बन गई है, जहां भोजन की थाली से लेकर विकास के मुद्दे तक, सब कुछ राजनीतिक विमर्श का केंद्र बनता दिख रहा है.
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