राजनीति

‘हमने BJP को लिखा था कि…’, आरजी कर केस पीड़िता की मां ने बताया- कैसे बंगाल के चुनावी मैदान में उतरीं

West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल के सबसे चर्चित दुष्कर्म और हत्याकांड RG कर अस्पताल की पीड़ित महिला डॉक्टर की मां को बीजेपी ने चुनावी मैदान में उतारा है. अब ऐसे में बीजेपी घुसपैठिए समेत राज्य में महिला सुरक्षा के मुद्दे पर टीएमसी को आड़े हाथों ले रही है. दो साल पहले हुए इस हत्याकांड ने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया था. नॉर्थ 24 परगना जिले के पानीहाटी विधानसभा से बीजेपी ने पीड़ित डॉक्टर की मां को टिकट दिया है. 

BJP को पत्र लिखकर मांगा था टिकट, स्मृति ईरानी ने कराया नामांकन दाखिल
रत्ना देबनाथ एक आम महिला हैं. इनका राजनीति से किसी तरह का कोई लेना-देना नहीं है. लेकिन इस बार वो चुनावी मैदान में उतर गई हैं. उनके पीछे बीजेपी ने पूरी ताकत लगा दी है. 

खुद उनका नामांकन दाखिल करवाने के लिए बीजेपी की कद्दावर नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी गईं थी.  9 अप्रैल को उन्होंने अपना नामांकन दाखिल किया. ईरानी के जरिए बीजेपी महिलाओं के वोटों को एकजुट करने के लिए एक्टिव तौर पर काम कर रही हैं. 

वहीं, देबनाथ ने बताया कि उन्होंने ही बीजेपी से संपर्क किया था. उन्होंने कहा कि हमने बीजेपी को बताया कि चुनाव लड़ने की इच्छा है. हमने बीजेपी को एक पत्र लिखा था. देबनाथ ने कहा कि उन्हें 200 प्रतिशत यकीन है कि वो चुनाव जीतेंगी. यह जीत उनकी अकेली की नहीं होगी. यह पूरे पानीहाटी विधानसभा और बंगाल के लोगों की जीत होगी. 

उन्होंने कहा कि हमारी बेटी तो चली गई, लेकिन अब दूसरी युवा महिला की सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारे कंधों पर आ गई है. लोगों का भी कहना है कि बंगाल रत्ना के साथ खड़ा है. इधर, टीएमसी के खिलाफ जनता मुखर है.

इस विधानसभा सीट पर बीजेपी का पलड़ा भारी, टीएमसी के खिलाफ लोग
लोगों का भी कहना है कि जो महिला युवा बेटियों को 8 बजे बाहर निकलने से रोक रही हैं, उन्हें भी अपनी कुर्सी से रात 8 बजे के बाद हट जाना चाहिए. इस सीट पर निर्मल घोष टीएमसी से हैं. वह यहां 1996 से इस सीट पर जीत हासिल कर रहे हैं. सबसे पहले उन्होंने यहां कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था. उन्होंने इस सीट से 2001,2011,2016, और 2021 में जीत हासिल की. 2006 जोड़ दें, तो निर्मल घोष को सीपीआई के उम्मीदवार ने हरा दिया था. इस बार उनके बेटे तीर्थंकर घोष चुनावी मैदान में हैं. यह तीर्थंकर का पहला चुनाव है. ऐसे में एक कड़ा राजनीतिक मुकाबला देखने को मिल सकता है. 

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AZMI DESK

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