राजनीति

विपक्षी एकता में दरार? कांग्रेस ने ममता बनर्जी को घेरा, कहा- आधारहीन आरोप लगाना बंद करें

पश्चिम बंगाल चुनाव से ठीक पहले विपक्षी गठबंधन ‘INDIA’ में घमासान मच गया है. कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है. टैगोर ने ममता के उन बयानों को “गैर-जिम्मेदाराना” बताया है, जिसमें उन्होंने बीजेपी, कांग्रेस और डीएमके (DMK) के बीच मिलीभगत होने का इशारा किया था. यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब केंद्र में तो ये पार्टियां साथ हैं, लेकिन बंगाल की जमीन पर एक-दूसरे के खिलाफ ताल ठोक रही हैं.

कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा कि ममता बनर्जी के आरोप पूरी तरह से निराधार और निंदनीय हैं. उन्होंने कहा, “जब हमें एकजुट होकर बीजेपी से लड़ना चाहिए, तब ऐसे बिना सिर-पैर के आरोप विपक्षी एकता को कमजोर करेंगे.” टैगोर ने तंज कसते हुए याद दिलाया कि यह कांग्रेस नहीं बल्कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) थी, जो 1998 और 1999 में बीजेपी के साथ गठबंधन में थी और 2004 का चुनाव भी RSS-BJP के साथ मिलकर लड़ा था.

राहुल गांधी के संघर्ष का दिया हवाला
टैगोर ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि कांग्रेस को किसी से यह सीखने की जरूरत नहीं है कि बीजेपी से कैसे लड़ा जाता है. उन्होंने कहा, “राहुल गांधी लगातार RSS और बीजेपी की विचारधारा के खिलाफ खड़े रहे हैं. इसी वजह से उन पर 25 से ज्यादा केस हुए, उनकी संसद सदस्यता छीनी गई और उन्हें घर से भी निकाला गया. यह सब उन्होंने बीजेपी से लड़ने की कीमत चुकाई है.”

अभिषेक बनर्जी ने भी साधा निशाना
विवाद तब शुरू हुआ जब ममता बनर्जी ने बंगाल में कांग्रेस और स्टालिन की पार्टी (DMK) पर बीजेपी के साथ अंदरूनी साठगांठ का आरोप लगाया. इसके बाद टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने भी मोर्चा खोलते हुए कहा कि अधीर रंजन चौधरी की कांग्रेस, अमित शाह की केंद्रीय ताकतों के संरक्षण में खुलेआम वोट काटने का काम कर रही है.

गठबंधन में नेतृत्व को लेकर खींचतान
सिर्फ बंगाल ही नहीं, गठबंधन के भीतर नेतृत्व को लेकर भी अलग-अलग सुर सुनाई दे रहे हैं. जहाँ सागरिका घोष जैसी नेता ममता बनर्जी को गठबंधन का चेहरा बता रही हैं, वहीं उदयनिधि स्टालिन अपने पिता एम.के. स्टालिन को आगे बढ़ा रहे हैं. इन बयानों ने चुनाव से पहले गठबंधन की एकजुटता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.

बंगाल में दो चरणों में होगा मतदान
पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए सियासी पारा चढ़ चुका है. यहाँ दो चरणों में वोट डाले जाएंगे—पहला चरण 23 अप्रैल को और दूसरा 29 अप्रैल को होगा. चुनाव के नतीजे 4 मई को आएंगे. बंगाल में मुख्य मुकाबला टीएमसी और बीजेपी के बीच माना जा रहा है, लेकिन कांग्रेस और वामदल (Left) भी अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. ऐसे में सहयोगियों के बीच यह जुबानी जंग चुनाव के नतीजों को प्रभावित कर सकती है.

AZMI DESK

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