केरल-तमिलनाडु में कांटे की टक्कर, स्टालिन की जा रही सत्ता, जानें सर्वे में एक्टर विजय को कितनी सीटें

दक्षिण के राज्य केरल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज है. इन दोनों ही राज्यों में बीजेपी खुद को मजबूत करने की कोशिश कर रही है. चुनाव से पहले किए गए ओपिनियन पोल के अनुसार केरल में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट संयुक्त (UDF) के बीच कड़ा मुकाबला हो सकता है. वहीं तमिलनाडु में डीएमके गठबंधन और एनडीए के बीच कांटे की टक्कर होने की संभावना है.
केरल में कांग्रेस करेगी वापसी
इंडिया टीवी पर दिखाए गए MATRIZE ओपिनियन पोल के मुताबिक केरल में LDF को 62-68 सीटें, UDF को 67-73 सीटें, बीजेपी को 05-08 सीटें और अन्य को 0-3 सीटें मिलने का अनुमान है. यहां बड़ा उलटफेर हो सकता है. सर्वे में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन की बहुमत मिलने की संभावना है. LDF पिछले करीब एक दशक से केरल में सरकार चला रही है. वोट शेयर की बात करें तो केरल में LDF गठबंधन को 39%, UDF को 42%, एनडीए को 15% और अन्य को 4 फीसदी वोट मिलने के आसार हैं.
तमिलनाडु में डीएमके को झटका: सर्वे
MATRIZE ओपिनियन पोल के मुताबिक तमिलनाडु में डीएमके गठबंधन को बड़ा नुकसान होता नजर आ रहा है. यहां एनडीए गठबंधन को बहुमत मिलने की संभावना है. राज्य की 234 सीटों में से डीएमके गठबंधन को 102-115 सीटें, एनडीए को 107-120, टीवीके को 5-12 सीटें, अन्य को 1-6 सीटें मिलने की संभावना है. राज्य में एनडीए को 40 फीसदी, डीएमके गठबंधन को 38 फीसदी, टीवीके को 16 फीसदी और अन्य को 6 फीसदी वोट मिलने की संभावना है.
तमिलनाडु विधानसभा के चुनाव 23 अप्रैल को होने वाले हैं और परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे. इसके लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया सोमवार (6 अप्रैल 2026) को समाप्त हो चुकी है. 2021 में हुए विधानसभा चुनाव में डीएमके को एक तरफा बहुमत मिला था. पार्टी 188 सीटों पर चुनाव लड़ी थी और 133 पर जीत दर्ज की थी. वहीं ADMK को 66 सीटें मिली थी.
केरल में 9 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे जबकि 4 मई को नतीजों की घोषणा की जाएगी. पिछले विधानसभा चुनाव में सीपीआई को 17 सीटें, CPI(M) को 62 सीटें, कांग्रेस को 21, एनसीपी को 2, IUML को 15, JD(S) को 2, KEC(M) को 5 सीटें मिली थी.



