हैदराबाद में ग्रीन कॉरिडोर से बची जान, बेंगलुरु से आए फेफड़े रिकॉर्ड समय में KIMS अस्पताल पहुंचे

हैदराबाद में एक बार फिर ग्रीन कॉरिडोर के जरिए मानवता की मिसाल देखने को मिली है, जब बेंगलुरु से लाए गए फेफड़ों को शमशाबाद एयरपोर्ट से सिकंदराबाद के KIMS अस्पताल तक तेजी से पहुंचाया गया. जीवन बचाने की एक अहम कड़ी के तहत हैदराबाद सिटी पुलिस ने बेहतरीन समन्वय का प्रदर्शन करते हुए ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया. बेंगलुरु से एक फ्लाइट के जरिए फेफड़े (लंग्स) शमशाबाद एयरपोर्ट पर पहुंचे, जहां से उन्हें तुरंत एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल ले जाया गया.
एम्बुलेंस (TG09U0642) को सिकंदराबाद के मंत्री रोड स्थित KIMS अस्पताल तक पहुंचाने के लिए विशेष ट्रैफिक व्यवस्था की गई. पुलिस ने पूरे रूट को पहले ही क्लियर कर दिया था, जिससे एम्बुलेंस बिना किसी रुकावट के तेजी से अपने गंतव्य तक पहुंच सकी.
सीमित समय में मरीज तक संवेदनशील अंग को पहुंचाना जरूरी
अधिकारियों ने बताया कि अंग प्रत्यारोपण के मामलों में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है. फेफड़ों जैसे संवेदनशील अंग को सीमित समय के भीतर मरीज तक पहुंचाना जरूरी होता है, इसलिए हर सेकंड कीमती होता है. इसी को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने पूरी तत्परता से काम किया. इस दौरान शहर के विभिन्न चौराहों पर ट्रैफिक को नियंत्रित किया गया और सिग्नलों को अस्थायी रूप से रोका गया, ताकि एम्बुलेंस को कहीं भी रुकना न पड़े. पुलिस टीम ने पूरे मार्ग पर एस्कॉर्ट देते हुए एम्बुलेंस को सुरक्षित तरीके से अस्पताल तक पहुंचाया.
अभियान के लिए पुलिस ने जनता से भी की सहयोग की अपील
पुलिस ने इस अभियान के लिए आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की थी. लोगों ने जिम्मेदारी दिखाते हुए रास्ता खाली किया और इस मानवीय कार्य में सहयोग दिया, जिससे पूरा ऑपरेशन सफल हो सका. डॉक्टरों के अनुसार, अंग प्रत्यारोपण में समय पर डिलीवरी सबसे महत्वपूर्ण होती है. यदि अंग समय पर नहीं पहुंचे, तो मरीज की जान को खतरा हो सकता है. ऐसे में ग्रीन कॉरिडोर जैसी व्यवस्था जीवन और मौत के बीच का अंतर साबित होती है.
यह टीमवर्क समाज में उम्मीद और भरोसा करते हैं कायमः पुलिस
पुलिस अधिकारियों ने इसे एक सफल टीमवर्क बताया, जिसमें एयरपोर्ट अथॉरिटी, मेडिकल टीम और ट्रैफिक पुलिस ने मिलकर काम किया. उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास समाज में उम्मीद और भरोसा कायम करते हैं.
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