Bengal election 2026: हिंसा की आग में फिर बंगाल चुनाव, भवानीपुर से चोपड़ा तक BJP-TMC में भिड़ंत

पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले माहौल तेजी से गर्म हो रहा है और इस बार सिर्फ बयानबाजी नहीं, सड़क पर टकराव भी खुलकर सामने आ रहा है. कोलकाता के भवानिपुर से लेकर उत्तर दिनाजपुर के चोपड़ा तक BJP और TMC समर्थकों के बीच हिंसक झड़पों ने चुनावी माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है.
ताजा मामला चोपड़ा विधानसभा क्षेत्र के कचकाली बाजार का है, जहां सिर्फ झंडा लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अचानक हिंसा में बदल गया. BJP का आरोप है कि उनके कार्यकर्ता दुकान मालिक की अनुमति से झंडे लगा रहे थे, तभी TMC कार्यकर्ताओं ने विरोध किया और झंडे हटा दिए. इसके बाद विवाद बढ़ा और मारपीट शुरू हो गई.
स्थानीय BJP नेता नित्य पाल ने आरोप लगाया, “हम झंडा लगा रहे थे, तभी TMC के लोग आए और उसे हटा दिया. विरोध करने पर 20-25 लोग लाठी-डंडों के साथ आए और हमारे कार्यकर्ताओं को बेरहमी से पीटा.” इस झड़प में कम से कम 6 BJP कार्यकर्ता घायल हुए हैं.
#WATCH | Islampur, Uttar Dinajpur (West Bengal) | A clash broke out between BJP and TMC over flag hoisting, resulting in several people being injured in Chopra.
BJP’s Uttar Dinajpur District Vice President Surajit Sen says, “Elections haven’t even started yet, and BJP workers… pic.twitter.com/KG05tqebfj
— ANI (@ANI) March 30, 2026
भवानिपुर में भी टकराव
कोलकाता के भवानिपुर में भी BJP नेता शुभेंदु अधिकारी की रैली के दौरान दोनों दलों के समर्थकों के बीच भिड़ंत की खबर सामने आई. यह वही सीट है जहां हर चुनाव में सियासी दांव सबसे ऊंचा रहता है. इन घटनाओं ने साफ संकेत दिया है कि चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहा है, जमीन पर तनाव बढ़ता जा रहा है.
“बंगाल में राजनीतिक हिंसा नई नहीं”-BJP
BJP नेता शंकर घोष ने कहा, “पश्चिम बंगाल राजनीतिक हिंसा के लिए जाना जाता है, इसमें कुछ नया नहीं है, लेकिन इस बार हालात बदलेंगे जो हमारे कार्यकर्ताओं पर हमला कर रहे हैं, उन्हें समय पर जवाब मिलेगा.” उन्होंने दावा किया कि 2026 के चुनाव के बाद BJP सरकार बनने पर ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होगी.
#WATCH | Siliguri, West Bengal | On BJP-TMC clash in Chopra, BJP leader Shankar Ghosh says, “… West Bengal is known for the political violence. There is nothing new in it. But this time it will be reversed. Those who are attacking our workers will get proper treatment in time.… pic.twitter.com/M8kYlt1NSj
— ANI (@ANI) March 30, 2026
पहले भी हो चुकी हैं झड़पें
यह कोई पहली घटना नहीं है. इससे पहले दक्षिण 24 परगना में भी चुनाव प्रचार के दौरान दोनों दलों के समर्थक भिड़ चुके हैं. वहीं राम नवमी के जुलूस के दौरान मुर्शिदाबाद के जंगीपुर इलाके में हिंसा हुई थी, जिसमें 31 लोगों की गिरफ्तारी हुई. यानी चुनाव से पहले हिंसा की यह श्रृंखला लगातार लंबी होती जा रही है.
डर और बदलाव का नैरेटिव
आसनसोल उत्तर सीट से BJP उम्मीदवार कृष्णेंदु मुखर्जी ने कहा, “हमें बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. लोग इस सरकार से डरे हुए हैं. इस बार बदलाव निश्चित है.” यह बयान उस राजनीतिक नैरेटिव को दिखाता है जिसमें BJP “बदलाव” की बात कर रही है, जबकि TMC अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखने की कोशिश में है.
23 और 29 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले अब सबसे बड़ा सवाल यही है-क्या हालात काबू में रहेंगे या चुनाव और करीब आते ही टकराव और बढ़ेगा? स्पष्ट है कि बंगाल में इस बार मुकाबला सिर्फ वोट का नहीं, बल्कि सड़कों पर शक्ति प्रदर्शन का भी बनता जा रहा है-जहां हर घटना चुनावी दिशा तय कर सकती है. मतदान से पहले यह विवाद और गहराने के संकेत दे रहा है और लगातार हो रही हिंसा ने चुनावी माहौल को और संवेदनशील बना दिया है.



