आजमगढ़

Azamgarh News: गोवध मामले में वांछित अभियुक्त पुलिस मुठभेड़ में घायल, गिरफ्तार थानाध्यक्ष सुनील कुमार दूबे की सक्रियता से मिली बड़ी सफलता

आजमगढ़ बलरामपुर से बबलू राय

गोवध मामले में वांछित अभियुक्त पुलिस मुठभेड़ में घायल, गिरफ्तार
थानाध्यक्ष सुनील कुमार दूबे की सक्रियता से मिली बड़ी सफलता

आजमगढ़ जनपद के बिलरियागंज थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम इमलीपुर में प्रतिबंधित पशु की मुंडी व खाल मिलने की सनसनीखेज घटना का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक वांछित अभियुक्त को मुठभेड़ में घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरी कार्रवाई में थानाध्यक्ष सुनील कुमार दूबे की सतर्कता, नेतृत्व और त्वरित निर्णय क्षमता निर्णायक साबित हुई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन एवं क्षेत्राधिकारी सगड़ी के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत यह सफलता हासिल हुई। पुलिस के अनुसार 17 मार्च 2026 को जयप्रकाश यादव निवासी मधनापार द्वारा थाना बिलरियागंज में सूचना दी गई थी कि ग्राम इमलीपुर स्थित खेत में प्रतिबंधित पशु की मुंडी व खाल पड़ी हुई है। इस पर मु0अ0सं0 62/2026 धारा 3/5/8 गोवध निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
विवेचना के दौरान सलमान, तबरेज, सरफराज व मेराज के नाम सामने आए, जिनकी गिरफ्तारी के लिए थानाध्यक्ष सुनील कुमार दूबे लगातार टीम के साथ दबिश दे रहे थे। उनकी अगुवाई में पुलिस टीम ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर अभियुक्तों की गतिविधियों पर नजर बनाए रखी।
27/28 मार्च की रात थानाध्यक्ष सुनील कुमार दूबे अपनी टीम के साथ क्षेत्र में चेकिंग व वांछित अभियुक्तों की तलाश में थे। इसी दौरान मिली सटीक सूचना पर उन्होंने तत्काल घेराबंदी कर दी। संदिग्ध को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन उसने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी।
फायरिंग के दौरान भी थानाध्यक्ष ने संयम बनाए रखते हुए टीम को सुरक्षित पोजिशन में रखा और आत्मसमर्पण की चेतावनी दी। जब अभियुक्त नहीं माना तो उनके निर्देशन में की गई जवाबी कार्रवाई में अभियुक्त तबरेज के दाहिने पैर में गोली लगी और उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। घायल अभियुक्त को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलरियागंज में भर्ती कराया गया।पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से गोवध की घटनाओं को अंजाम देता था। 16/17 मार्च की रात ग्राम इमलीपुर में प्रतिबंधित पशु का वध कर पहचान छिपाने के लिए मुंडी व खाल वहीं छोड़ दी गई थी।
अभियुक्त के पास से एक अवैध तमंचा 315 बोर, एक जिंदा कारतूस व एक खोखा कारतूस बरामद किया गया। इस संबंध में मु0अ0सं0 62/2026 (गोवध निवारण अधिनियम) व मु0अ0सं0 73/2026 धारा 109 बीएनएस व 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है।
इस पूरी कार्रवाई में थानाध्यक्ष सुनील कुमार दूबे के साथ उपनिरीक्षक सुधीर पाण्डेय, उपनिरीक्षक मनीष कुमार विश्वकर्मा व अन्य पुलिसकर्मियों की सक्रिय भूमिका रही।
पुलिस फरार अभियुक्तों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। इस सफल मुठभेड़ को लेकर क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली की सराहना हो रही है, खासकर थानाध्यक्ष सुनील कुमार दूबे की नेतृत्व क्षमता और तत्परता की चर्चा जोरों पर है।

AZMI DESK

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