राजनीति

‘क्या 77 विधायक मैंने जिताए?’ BJP की ‘B टीम’ के आरोपों पर ओवैसी का तीखा जवाब, आंकड़ों के जरिए ममता सरकार को घेरा

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए सियासी बिसात बिछने लगी है. राजनीतिक दल वोटरों को साधने के लिए चुनावी समीकरण बिठा रहे हैं. इसी क्रम में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने बंगाल में हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी के साथ गठबंधन किया है. दोनों नेताओं ने बुधवार (25 मार्च) को गठबंधन का ऐलान किया. इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की. ओवैसी ने टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी और बीजेपी पर निशाना साधा और मुस्लिम लीडिरशिप को आगे लाने की बात कही. वहीं, टीएमसी ने ओवैसी-हुमायूं के गठबंधन को बीजेपी की ‘बी टीम’ होने का आरोप लगाया.

ओवैसी ने बुधवार (25 मार्च) को तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि टीएमसी ने मुस्लिम वोट तो हासिल कर लिए लेकिन उनके लिए कुछ भी नहीं किया. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल के लोग घुटन महसूस कर रहे हैं. उनकी पार्टी ने हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के साथ हाथ मिलाया है. जिससे पश्चिम बंगाल के लोगों को वह राजनीतिक विकल्प दिया जा सके, जिसका उनको इंतजार है.

ममता बनर्जी पर साधा निशाना

ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा, ‘मुस्लिमों के लिए राज्य में प्रयास केवल दिखावा ही रहे हैं, हकीकत में यह प्रयास विकास में तब्दील नहीं हुए.’ सवालिया अंदाज में उन्होंने कहा, ‘करीब पांच लाख ओबीसी प्रमाणपत्र रद्द कर दिए गए. इनमें से कई मुस्लिम परिवारों से थे. क्या यह कोई मुद्दा नहीं है? ‘यहां की आबादी में मुसलमानों की संख्या लगभग 30 प्रतिशत है लेकिन सरकारी नौकरियों में उनका प्रतिनिधित्व केवल सात प्रतिशत है.’

बीजेपी को फायदा पहुंचाने के आरोप पर किया पलटवार

उन्होंने दावा किया कि उनकी राजनीति ने अप्रत्यक्ष रूप से राज्य में भाजपा को अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद की है उन्होंने कहा, ‘बंगाल में भाजपा के तीन विधायक कब जीते थे? 2016 में ना? अब उनके पास 77 विधायक हैं. क्या मैंने उन्हें जिताया? क्या मैं इतना ताकतवर हूं कि मैंने भाजपा को फलने फूलने दिया? भाजपा का विकास आपकी आंखों के सामने हो रहा है.’

182 सीटों पर लड़ सकते हैं चुनाव

ओवैसी ने दावा किया कि एआईएमआईएम और एजेयूपी गठबंधन राज्य में कमजोर वर्गों के शोषण को रोकने और उन्हें मजबूत बनाने के उद्देश्य से किया गया है. उन्होंने कहा कि इस गठबंधन से राज्य में मुसलमानों के राजनीतिक नेतृत्व को भी मजबूती मिलेगी. मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद की शैली पर प्रस्तावित मस्जिद को लेकर हुए विवाद के बाद तृणमूल कांग्रेस से निलंबित किए जाने पर कबीर ने आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) का गठन किया था. कबीर ने कहा कि गठबंधन 294 सदस्यीय विधानसभा में 182 सीट पर चुनाव लड़ने की योजना बना रहा है.

AZMI DESK

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